देहरादून स्थित Indian Military Academy (IMA) में 13 जून को होने वाली Passing Out Parade इस बार ऐतिहासिक होने जा रही है। IMA के 94 साल के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट भी पुरुष कैडेटों के साथ ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करती नजर आएंगी।
इस ऐतिहासिक Passing Out Parade में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बतौर Reviewing Officer शामिल होंगी और परेड की सलामी लेंगी।
अब तक IMA को मुख्य रूप से पुरुष कैडेटों के प्रशिक्षण संस्थान के रूप में जाना जाता रहा है। लेकिन अब महिला कैडेटों की एंट्री के साथ अकादमी की परंपरा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसे भारतीय सैन्य प्रशिक्षण प्रणाली में लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सेना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, महिला कैडेटों के प्रशिक्षण को देखते हुए IMA में बुनियादी ढांचे से लेकर आवास, मेडिकल यूनिट, खेल सुविधाओं और प्रशिक्षण व्यवस्था तक में कई बदलाव किए गए हैं। प्रशिक्षण के दौरान समान मानक और अवसर सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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दरअसल, अगस्त 2022 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में पहली बार महिला कैडेटों का बैच शामिल हुआ था। करीब तीन साल के प्रशिक्षण के बाद मई 2025 में इन कैडेटों ने NDA से ग्रेजुएशन पूरा किया।
इनमें से 8 महिला कैडेटों ने भारतीय सेना को चुना और जुलाई 2025 में IMA में एक वर्ष के प्री-कमीशन सैन्य प्रशिक्षण के लिए शामिल हुईं। अब यही महिला कैडेट 13 जून को Passing Out Parade में हिस्सा लेंगी।
अब तक भारतीय सेना में महिला अधिकारी मुख्य रूप से चेन्नई स्थित Officers Training Academy (OTA) से प्रशिक्षण प्राप्त कर कमीशन पाती रही हैं। ऐसे में IMA में महिला कैडेटों की मौजूदगी को भारतीय सेना की संरचना में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
IMA ने दिसंबर 2023 में एक और महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए “Gentleman Cadet” शब्द की जगह “Officer Cadet” शब्द का इस्तेमाल शुरू किया था। इसे सैन्य संस्थान में आधुनिक और समावेशी सोच की दिशा में अहम कदम माना गया था।
13 जून को होने वाली यह Passing Out Parade केवल एक सैन्य समारोह नहीं होगी, बल्कि भारतीय सैन्य इतिहास में बदलती परंपराओं और नई सोच का प्रतीक भी मानी जा रही है।
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