उत्तराखंड में शुरू हुआ एसआईआर(SIR), घर-घर जाकर मतदाता सूची का हो रहा सत्यापन

घर-घर पहुंच रहे बीएलओ आखिर मतदाताओं से क्या जानकारी जुटा रहे हैं और किन लोगों को बाद में परेशानी से बचने के लिए अभी सतर्क हो जाना चाहिए? पूरी प्रक्रिया और जरूरी तारीखें जानिए।
उत्तराखंड में बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाता सूची सत्यापन करते हुए

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह अभियान 8 जून से शुरू हुआ, जिसके तहत बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं को मतदाता विवरण फॉर्म बांट रहे हैं और भरे हुए फॉर्म वापस ले रहे हैं।

राज्य में इस प्रक्रिया के लिए 79,60,762 गणना प्रपत्र तैयार कर जिलों को भेजे गए हैं। मतदाताओं को प्रपत्र में अपनी जानकारी भरकर फोटो के साथ जमा करना होगा।

एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में दर्ज नाम, पता और अन्य विवरणों का सत्यापन किया जा रहा है। जिन मतदाताओं की जानकारी में बदलाव, सुधार या अपडेट की जरूरत होगी, उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत शामिल किया जाएगा।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखंड सहित 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का तीसरा चरण चल रहा है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची में गलतियों को ठीक करना और नई जानकारी को शामिल करना है।

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निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बूथ लेवल अधिकारी 7 जुलाई तक घर-घर जाकर गणना प्रपत्र बांटेंगे और जमा करेंगे। प्रारूप मतदाता सूची 14 जुलाई को प्रकाशित की जाएगी।

इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बीएलओ को सही जानकारी उपलब्ध कराएं और गणना प्रपत्र समय पर जमा करें, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया तय समय में पूरी हो सके।

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