नैनीताल: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में मानसून सीजन को देखते हुए पर्यटकों के लिए नाइट स्टे की सुविधा बंद कर दी गई है। यह व्यवस्था 15 जून से 14 नवंबर तक लागू रहेगी। इस दौरान पर्यटक पार्क के अंदर रात्रि विश्राम नहीं कर सकेंगे।
मानसून के दौरान जंगल के रास्ते खराब होने और सुरक्षा कारणों को देखते हुए हर साल कॉर्बेट में नाइट स्टे बंद किया जाता है। बारिश के मौसम में कई वन मार्ग क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिससे पर्यटकों की आवाजाही जोखिम भरी हो सकती है।
कॉर्बेट के कई पर्यटन जोन में भी मानसून अवधि के दौरान गतिविधियां प्रभावित रहेंगी। ढिकाला, दुर्गादेवी और सोनानदी जैसे जोन में डे विजिट निर्धारित अवधि तक बंद रहेगी। वहीं, झिरना, ढेला और गर्जिया जोन मौसम और सड़क की स्थिति के आधार पर पर्यटकों के लिए खुले रह सकते हैं।
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पार्क प्रशासन के अनुसार, मानसून के दौरान जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। इसी वजह से हर साल बारिश के मौसम में कुछ पर्यटन गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगाई जाती है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल है। वर्ष 1936 में स्थापित यह देश का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे पहले हैली नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता था। यह रिजर्व बाघों, हाथियों, हिरणों, मगरमच्छों और कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियों के लिए प्रसिद्ध है। हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक यहां जंगल सफारी और वन्यजीवों को देखने पहुंचते हैं। 15 नवंबर से नाइट स्टे और प्रभावित जोन में पर्यटन गतिविधियां दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।
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