असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर हुए भारतीय वायुसेना के विमान हादसे में उत्तराखंड के स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह शहीद हो गए। प्रशांत सिंह देहरादून जिले के सेलाकुई क्षेत्र के रहने वाले थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
भारतीय वायुसेना का एएन-32 ट्रांसपोर्ट विमान 13 जून को लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया था। हादसे में वायुसेना के पांच कर्मियों की मौत हो गई, जबकि को-पायलट घायल बताए गए हैं। हादसे के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए गए हैं।
हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह के अलावा फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने भी जान गंवाई।
परिजनों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रशांत सिंह अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। करीब डेढ़ साल पहले ही उनका विवाह हुआ था। हादसे की खबर के बाद से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोग परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं।
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प्रशांत सिंह के पिता सीआरपीएफ से डिप्टी कमांडेंट पद से सेवानिवृत्त बताए जा रहे हैं। सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने वाले प्रशांत सिंह ने भारतीय वायुसेना में सेवा देकर प्रदेश और देश का मान बढ़ाया।
भारतीय वायुसेना ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए शहीद कर्मियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
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