उत्तरकाशी में वनाग्नि पर नियंत्रण पाने गए फॉरेस्ट गार्ड की मौत

वनाग्नि की घटनाओं के दौरान सामने आने वाले खतरे अक्सर आग तक सीमित नहीं होते। पुरोला की इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में काम करने वाले वनकर्मियों के सामने मौजूद कठिन परिस्थितियों की ओर ध्यान खींचा है।
उत्तरकाशी के फॉरेस्ट गार्ड सोहन सिंह रावत की तस्वीर

उत्तरकाशी, 18 जून। उत्तरकाशी जिले के पुरोला क्षेत्र से दुखद खबर सामने आई है। यहां टौंस वन प्रभाग की ठड़ूग बीट में जंगल की आग बुझाने गए फॉरेस्ट गार्ड सोहन सिंह रावत की मौत हो गई।

वन विभाग से मिली सूचना के अनुसार, बुधवार शाम ठड़ूग बीट क्षेत्र में जंगल में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। टीम ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन इसी दौरान फॉरेस्ट गार्ड सोहन सिंह रावत वापस नहीं लौटे।

इसके बाद उनकी खोजबीन शुरू की गई। गुरुवार सुबह उनका शव जंगल क्षेत्र में मिला। आशंका है कि आग बुझाने के दौरान वे पहाड़ी से नीचे गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई।

यह भी पढ़ें: 1 जुलाई से नोएडा-देहरादून के बीच शुरू होगी सीधी फ्लाइट, इंडिगो रोजाना करेगी संचालन

घटना के बाद वन विभाग और क्षेत्र में शोक का माहौल है। सोहन सिंह रावत ठड़ूग बीट में तैनात थे। वन विभाग की ओर से मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।

उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में गर्मी के मौसम के दौरान वनाग्नि की घटनाएं बड़ी चुनौती बन जाती हैं। दुर्गम जंगलों में आग बुझाने के दौरान वनकर्मियों को कई बार जोखिम भरी परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। पुरोला की यह घटना बताती है कि जंगल की आग बुझाने में वनकर्मियों को कितने जोखिम के बीच काम करना पड़ता है।

यह भी पढ़ें: कॉर्बेट में मानसून सीजन के लिए नाइट स्टे बंद, 15 नवंबर से फिर शुरू होगी सुविधा

हर दिन की अहम खबरें, जनहित के मुद्दों और जरूरी अपडेट का सीधा रैबार। राज्य, नीति, विकास, प्रशासन, विकास, मौसम, स्वास्थ्य और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरें।