रुद्रप्रयाग, 25 जून। नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण में संबंधित निहंगों पर कार्रवाई न होने को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रुद्रप्रयाग में इस मामले को लेकर प्रदर्शन किया गया, वहीं चमोली में भी कर्णप्रयाग और नगरासू से जुड़े घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है।
नगरासू स्थित गुरुद्वारे में पिछले दिनों निहंगों और गुरुद्वारा प्रबंधन के बीच विवाद के बाद करीब 72 घंटे तक गतिरोध की स्थिति बनी रही। इस दौरान पुलिस और प्रशासन मौके पर मौजूद रहा। बाद में पंजाब से आए निहंग प्रतिनिधिमंडल और प्रशासनिक बातचीत के बाद गुरुद्वारे में डटे लोग वहां से रवाना हुए और स्थिति सामान्य होने की बात कही गई।
स्थानीय लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि कई दिनों तक तनावपूर्ण माहौल रहने के बावजूद संबंधित लोगों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में सभी पक्षों के लिए समान नियम लागू होने चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
चमोली में भी इस प्रकरण को लेकर आवाज उठी है। स्थानीय लोगों ने कर्णप्रयाग में हुए विवाद और उसके बाद नगरासू में बने हालात की जांच की मांग की। लोगों का कहना है कि चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी तरह की तनावपूर्ण स्थिति न बने।
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इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि कर्णप्रयाग में हुए विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। कर्णप्रयाग में विवाद के बाद कुछ निहंगों की गिरफ्तारी हुई थी। इसके बाद नगरासू गुरुद्वारे में निहंगों के पहुंचने और गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल/छत पर डटे रहने से मामला बढ़ गया। तनाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
प्रशासन की ओर से पहले ही कहा गया था कि मामला बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया गया है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। जिला प्रशासन ने सामान्य स्थिति बहाल होने की बात कही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कर्णप्रयाग और नगरासू की घटनाओं की निष्पक्ष जांच की बात कह चुके हैं। उन्होंने कहा था कि जांच के आधार पर जिम्मेदार लोगों पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल नगरासू में हालात सामान्य बताए जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई और जांच की मांग को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष बना हुआ है। लोगों का कहना है कि पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि कानून-व्यवस्था पर भरोसा बना रहे और यात्रा मार्गों पर शांति बनी रहे।
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