ऋषिकेश में मंगलवार शाम से थमेगा राफ्टिंग का रोमांच, जुलाई-अगस्त में बंद रहेगा संचालन

इस बार रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक गंगा राफ्टिंग के लिए ऋषिकेश पहुंचे, लेकिन अब मानसून के साथ साहसिक पर्यटन की सबसे लोकप्रिय गतिविधि दो महीने के विराम पर जा रही है। जानिए इस सीजन में कितने पर्यटक पहुंचे और मानसून में राफ्टिंग क्यों रोकी जाती है।
ऋषिकेश में मानसून के दौरान गंगा किनारे खड़ी राफ्ट

ऋषिकेश। गंगा में रिवर राफ्टिंग का संचालन मंगलवार शाम से बंद हो जाएगा। मानसून सीजन को देखते हुए जुलाई और अगस्त में ऋषिकेश में राफ्टिंग गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेंगी। जलस्तर और मौसम सामान्य रहने पर सितंबर में राफ्टिंग का संचालन फिर शुरू किया जाएगा।

ऋषिकेश में हर साल मानसून के दौरान गंगा में राफ्टिंग बंद कर दी जाती है। इस अवधि में नदी का जलस्तर बढ़ने, तेज बहाव और मौसम की अनिश्चितता के कारण सुरक्षा जोखिम बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए राफ्टिंग संचालन पर रोक लगाई जाती है।

इस बार का राफ्टिंग सीजन कारोबारियों और साहसिक पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए बेहतर रहा। इस सीजन में 3.80 लाख से अधिक पर्यटकों ने ऋषिकेश में गंगा राफ्टिंग का आनंद लिया। पिछले सीजन की तुलना में इस बार पर्यटकों की संख्या एक लाख से अधिक बढ़ी है।

वर्ष 2022 के बाद यह पहला मौका है जब ऋषिकेश में राफ्टिंग का संचालन 30 जून तक चला। इससे पहले मौसम और जलस्तर की स्थिति के आधार पर कई बार संचालन तय अवधि से पहले भी रोकना पड़ा था।

ऋषिकेश में ब्रह्मपुरी, शिवपुरी, मरीन ड्राइव और कौड़ियाला जैसे राफ्टिंग रूट पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं। सीजन के दौरान देशभर से पर्यटक यहां गंगा की लहरों पर राफ्टिंग करने पहुंचे। अब मानसून बंदी के बाद राफ्टिंग से जुड़े कारोबारी सितंबर में संचालन दोबारा शुरू होने का इंतजार करेंगे।

यह भी पढ़ें: केदारनाथ धाम से 10 दिन में 9.5 टन कूड़ा एकत्र, सोनप्रयाग में कॉम्पेक्टर से हो रहा निस्तारण

गंगा में राफ्टिंग गतिविधियों की अनुमति जलस्तर, मौसम और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए दी जाती है। मानसून में नदी का बहाव तेज होने से हादसों की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए जुलाई और अगस्त में राफ्टिंग बंद रखना सुरक्षा के लिहाज से जरूरी माना जाता है।

राफ्टिंग बंद होने से साहसिक पर्यटन से जुड़े कारोबार पर भी असर पड़ेगा। राफ्टिंग गाइड, ऑपरेटर, वाहन चालक, होटल, कैंप और स्थानीय दुकानों की आय का बड़ा हिस्सा इस गतिविधि से जुड़ा रहता है। हालांकि सुरक्षा को देखते हुए मानसून में यह रोक जरूरी है।

पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे जुलाई और अगस्त में ऋषिकेश में राफ्टिंग की योजना न बनाएं। इस अवधि में गंगा किनारे अन्य गतिविधियों और पर्यटन स्थलों पर जाते समय भी मौसम, जलस्तर और प्रशासनिक सलाह का ध्यान रखें।

सितंबर में मौसम और गंगा का जलस्तर सामान्य रहने पर राफ्टिंग फिर शुरू की जाएगी। अनुमति मिलने के बाद ही राफ्टों को नदी में उतारा जाएगा।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में SIR का 92% से अधिक डिजिटाइजेशन पूरा, अन-कलेक्टेबल मतदाताओं का फिर होगा सत्यापन

हर दिन की अहम खबरें, जनहित के मुद्दों और जरूरी अपडेट का सीधा रैबार। राज्य, नीति, विकास, प्रशासन, विकास, मौसम, स्वास्थ्य और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरें।