उत्तराखंड में एक-दो जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी, मानसून के आगे बढ़ने के आसार

उत्तराखंड में एक और दो जुलाई को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने भूस्खलन और यात्रा प्रभावित होने की आशंका के बीच लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उत्तराखंड में भारी बारिश के दौरान शहर की सड़क पर वाहन और पैदल यात्री

देहरादून। उत्तराखंड में अगले दो दिन मौसम के लिहाज से अहम रह सकते हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसी बीच राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग के 30 जून को जारी जिला-स्तरीय पूर्वानुमान के अनुसार, आज प्रदेश के कई जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बारिश हो सकती है। पौड़ी, पिथौरागढ़, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

एक जुलाई को मौसम का असर और बढ़ सकता है। देहरादून और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। इसी दिन टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

दो जुलाई को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज रह सकता है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

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तीन जुलाई को नैनीताल, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। चार जुलाई को पौड़ी और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पांच और छह जुलाई को भी प्रदेश के जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने 30 जून से चार जुलाई तक कई जिलों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी है। कुछ स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। एक और दो जुलाई को पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर भी हो सकते हैं।

भारी बारिश के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़क मार्ग अवरुद्ध होने, नालों और छोटी नदियों के जलस्तर बढ़ने तथा निचले इलाकों में जलभराव की आशंका है। भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति में कुछ जगह बिजली, पानी, परिवहन और अन्य सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

मौसम विभाग ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने और आकाशीय बिजली के समय पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है।

तापमान को लेकर विभाग ने कहा है कि पिछले 24 घंटों के दौरान मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक और पर्वतीय क्षेत्रों में सामान्य रहा। अगले तीन से चार दिनों के दौरान उत्तराखंड में अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।

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