देहरादून में तेज बारिश से बदला मौसम, उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में पहुंचा मानसून

उमस भरी गर्मी के बाद अब उत्तराखंड में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जबकि संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और जलभराव का खतरा भी बढ़ गया है। जानिए अगले कुछ दिनों के लिए मौसम विभाग ने क्या चेतावनी जारी की है।
देहरादून में बारिश के बाद बदला मौसम और मानसून का असर

देहरादून। राजधानी देहरादून में झमाझम बारिश के बाद मौसम का मिजाज बदल गया। उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को बारिश से कुछ राहत मिली। इसी बीच मौसम विभाग के ताजा अपडेट में दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में पहुंचने की पुष्टि की गई है। अगले दो से तीन दिनों में मानसून के राज्य के शेष हिस्सों में भी आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताई गई हैं।

देहरादून सहित प्रदेश के कई जिलों में सोमवार को बारिश का दौर देखने को मिला। इससे पहले सुबह और दोपहर तक उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा रखी थी। बारिश शुरू होते ही तापमान और मौसम दोनों में बदलाव महसूस हुआ। हालांकि बारिश रुकने के बाद उमस फिर बढ़ने की संभावना बनी रहती है।

मौसम विभाग के अनुसार, 30 जून को देहरादून, टिहरी, चंपावत, पौड़ी, पिथौरागढ़, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। सभी पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।

एक जुलाई को देहरादून और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसी दिन टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। दो जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जबकि हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में भारी बारिश हो सकती है।

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मौसम विभाग ने तीन जुलाई को नैनीताल, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, चमोली और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है। चार जुलाई को पौड़ी और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कई जगह गर्जन और आकाशीय बिजली को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़क मार्ग अवरुद्ध होने, नालों और छोटी नदियों के जलस्तर बढ़ने तथा निचले इलाकों में जलभराव की आशंका जताई है। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।

लोगों को सलाह दी गई है कि भारी बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा न करें और मौसम अपडेट देखकर ही सफर की योजना बनाएं। अगले तीन से चार दिनों में प्रदेश में अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।

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