उत्तराखंड में 9 जुलाई तक कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, 11 जुलाई तक नहीं थमेगा बारिश का दौर

उत्तराखंड में 11 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 9 जुलाई तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की आशंका को लेकर चेतावनी जारी की है।
उत्तराखंड में भारी बारिश के दौरान जलभराव और बारिश से प्रभावित शहरी सड़क का दृश्य।

देहरादून। उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के लिए जारी जिला-स्तरीय पूर्वानुमान में 11 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारों की संभावना जताई है। वहीं, 9 जुलाई तक कई जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, 5 जुलाई को राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 6, 7 और 8 जुलाई को अनेक स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इसके बाद 9, 10 और 11 जुलाई को फिर अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें हो सकती हैं।

5 जुलाई को चमोली, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसी दिन देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चम्पावत, ऊधम सिंह नगर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की भी संभावना है।

6 जुलाई को बागेश्वर जिले में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। रुद्रप्रयाग, चमोली, चम्पावत और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस दिन भी पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की आशंका जताई गई है।

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7 जुलाई को देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। 8 जुलाई को उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश हो सकती है। 9 जुलाई को पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कों या राजमार्गों के अवरुद्ध होने की आशंका जताई है। निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और कहीं-कहीं फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति भी बन सकती है।

लगातार बारिश के कारण बांधों और बैराजों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में प्रमुख नदियों और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने नदी-नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

चारधाम यात्रा या अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से सावधानी बरतने को कहा गया है। विभाग ने कहा है कि भारी या लगातार बारिश के दौरान जरूरी होने पर ही यात्रा करें। यात्रा के दौरान खड़ी ढलानों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और पहाड़ी रास्तों पर विशेष नजर रखें।

गरज-चमक और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें, खुले स्थानों से दूर रहें और पशुओं को खुले में न बांधें। खेतों में कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह भी दी गई है।

किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है। भारी बारिश से बागवानी, खरीफ फसलों और अनाज की गुणवत्ता को नुकसान हो सकता है। फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता के कारण यात्रा समय बढ़ने की भी संभावना है।

पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।

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