चंपावत। उत्तराखंड के रेल यात्रियों को लंबी दूरी की नई रेल सेवा मिली है। टनकपुर से नांदेड के लिए साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन का शुभारंभ कर दिया गया है। इसके साथ ही टनकपुर-पीलीभीत ट्रेन सेवा का विस्तार शाहजहांपुर तक किया गया है। इससे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र के यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से टनकपुर-नांदेड एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। इसी कार्यक्रम में टनकपुर-पीलीभीत ट्रेन सेवा को शाहजहांपुर तक विस्तारित किया गया। रेलवे की ओर से इस कदम को क्षेत्रीय रेल संपर्क मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
टनकपुर-नांदेड एक्सप्रेस के शुरू होने से कुमाऊं और तराई क्षेत्र के यात्रियों को महाराष्ट्र के नांदेड तक सीधी रेल सुविधा मिलेगी। नांदेड स्थित श्री हजूर साहिब सिख समुदाय के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में यह ट्रेन धार्मिक यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
लंबे समय से टनकपुर से नांदेड के लिए सीधी ट्रेन सेवा की मांग उठ रही थी। अब इस साप्ताहिक एक्सप्रेस के संचालन से यात्रियों को अलग-अलग स्टेशनों पर ट्रेन बदलने की परेशानी कम होगी। उत्तराखंड के चंपावत, ऊधम सिंह नगर और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को इस सेवा से सुविधा मिलेगी।
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टनकपुर-पीलीभीत ट्रेन सेवा के शाहजहांपुर तक विस्तार से स्थानीय यात्रियों को भी राहत मिलेगी। अब टनकपुर, पीलीभीत और शाहजहांपुर के बीच आवाजाही आसान होगी। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, स्थानीय व्यापारियों और लंबी दूरी की ट्रेनों से आगे जुड़ने वाले यात्रियों को फायदा मिल सकता है।
शाहजहांपुर तक सेवा बढ़ने से यात्रियों को आगे की रेल कनेक्टिविटी के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे। अभी तक कई यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए पीलीभीत, बरेली या अन्य बड़े स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता था। नए विस्तार से छोटे शहरों और कस्बों की रेल पहुंच मजबूत होगी।
कार्यक्रम के दौरान खटीमा और बनबसा में ट्रेन के ठहराव की मांग भी उठी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रेल मंत्री ने कहा कि इस मांग की जांच कराई जाएगी और संभव होने पर ठहराव पर विचार किया जाएगा। फिलहाल इसे मंजूरी के रूप में नहीं, बल्कि मांग पर विचार के रूप में देखा जा रहा है।
टनकपुर उत्तराखंड का महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। यहां से कुमाऊं क्षेत्र, पूर्णागिरि धाम और नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों के यात्री रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं। नई ट्रेन सेवा और रूट विस्तार से टनकपुर की रेल कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलेगी।
रेल सेवाओं के विस्तार को पर्यटन, धार्मिक यात्रा और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। बेहतर रेल संपर्क से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही आसान हो सकती है, वहीं स्थानीय कारोबार को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा टनकपुर-आगरा सेवा, जो पहले विशेष ट्रेन के रूप में चल रही थी, उसे नियमित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इससे टनकपुर से उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के लिए रेल संपर्क और बेहतर होगा।
फिलहाल टनकपुर-नांदेड साप्ताहिक एक्सप्रेस की शुरुआत और टनकपुर-पीलीभीत सेवा के शाहजहांपुर तक विस्तार को उत्तराखंड और यूपी के यात्रियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। इससे तराई और कुमाऊं क्षेत्र की रेल यात्रा अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
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