UKPSC भर्ती परीक्षाओं में बदली व्यवस्था, प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी पर दो बार आपत्ति दर्ज कर सकेंगे अभ्यर्थी

अब अभ्यर्थी केवल अंतिम उत्तर कुंजी का इंतजार नहीं करेंगे। जानिए, नई दो-स्तरीय व्यवस्था में प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी पर अलग-अलग कब और कैसे आपत्ति दर्ज की जा सकेगी, इसका भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और परिणाम प्रक्रिया पर क्या असर पड़ेगा।
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के कार्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार।

देहरादून, 10 जुलाई। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की बहुविकल्पीय भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को अब प्रश्नपत्र और प्रारंभिक उत्तर कुंजी पर अलग-अलग आपत्ति दर्ज करने का अवसर मिलेगा। आयोग ने आपत्तियों के निस्तारण के लिए दो चरणों वाली ऑनलाइन व्यवस्था लागू की है, जिससे अंतिम उत्तर कुंजी और परिणाम तैयार होने से पहले प्रश्नों की दो स्तरों पर जांच हो सकेगी।

नई व्यवस्था के पहले चरण में परीक्षा संपन्न होने के बाद संबंधित प्रश्नपत्र की ए-सीरीज आयोग की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। इसके बाद अभ्यर्थियों को सात दिन के भीतर प्रश्नों, विकल्पों या उनकी संरचना से संबंधित आपत्ति ऑनलाइन दर्ज करने का अवसर दिया जाएगा। पहले चरण में आपत्ति दर्ज करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

पहले चरण में प्राप्त आपत्तियों की जांच और निस्तारण के बाद आयोग प्रारंभिक उत्तर कुंजी जारी करेगा। इस उत्तर कुंजी में दिए गए उत्तरों पर अभ्यर्थी सात दिन के भीतर दोबारा आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। दूसरे चरण में प्रत्येक प्रश्न पर आपत्ति के लिए 50 रुपये शुल्क देना होगा।

दूसरे चरण में प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण संबंधित विषय के विशेषज्ञों से कराया जाएगा। विशेषज्ञों की संस्तुतियों के आधार पर अंतिम उत्तर कुंजी तैयार की जाएगी और उसी के अनुसार परीक्षा परिणाम बनाया जाएगा। आयोग अंतिम उत्तर कुंजी और परीक्षा परिणाम को एक साथ जारी करेगा।

नई व्यवस्था से आयोग को प्रश्नपत्र से जुड़ी संभावित त्रुटियों की पहचान प्रारंभिक स्तर पर ही करने में मदद मिलेगी। पहले प्रश्नपत्र की संरचना और विकल्पों से जुड़ी आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में केवल प्रारंभिक उत्तर कुंजी में दिए गए उत्तरों की समीक्षा की जा सकेगी। इससे दोनों प्रकार की आपत्तियों को अलग-अलग स्तर पर जांचने की व्यवस्था बनेगी।

अभ्यर्थियों के लिए भी यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अब उन्हें उत्तर कुंजी जारी होने तक इंतजार नहीं करना होगा। परीक्षा के तुरंत बाद प्रश्नपत्र से जुड़ी आपत्ति दर्ज की जा सकेगी। हालांकि, दूसरे चरण में शुल्क लागू होने के कारण अभ्यर्थियों को उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज करने से पहले प्रमाण और संदर्भ की सावधानीपूर्वक जांच करनी होगी।

नई व्यवस्था से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी, जिन्हें परीक्षा के बाद किसी प्रश्न, विकल्प या उसकी संरचना में त्रुटि दिखाई देती है। अब वे प्रारंभिक उत्तर कुंजी जारी होने से पहले ही ऐसी आपत्ति आयोग के सामने रख सकेंगे। इसके बाद उत्तर कुंजी में दिए गए उत्तर को लेकर भी अलग से आपत्ति दर्ज करने का अवसर मिलेगा।

आयोग के अनुसार दोनों चरणों में आपत्तियां केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार की जाएंगी। किसी अन्य माध्यम से भेजी गई आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों को अपनी आपत्ति के समर्थन में प्रमाण या संदर्भ भी उपलब्ध कराने होंगे। इसलिए परीक्षा के बाद आयोग की वेबसाइट और आपत्ति दर्ज करने की निर्धारित समयसीमा पर नजर रखना जरूरी होगा।

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