उत्तराखंड में रिवर राफ्टिंग के नियम सख्त, बिना परमिट संचालन पर राफ्ट जब्त होगी; एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान

राज्य सरकार के नए प्रावधान केवल अवैध राफ्टिंग पर कार्रवाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा, प्रशिक्षित गाइडों की जवाबदेही और साहसिक पर्यटन के मानकों को भी सीधे प्रभावित करेंगे। नए नियम किन संचालकों, गाइडों और राफ्टिंग गतिविधियों पर लागू होंगे, यही इस बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है।
A group of tourists wearing life jackets and helmets during a guided river rafting expedition on the Ganga River in Rishikesh, Uttarakhand.

देहरादून, 11 जुलाई 2026। उत्तराखंड सरकार ने राज्य में रिवर राफ्टिंग और कयाकिंग गतिविधियों को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है। मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग-कयाकिंग संशोधन नियमावली-2026 के प्रख्यापन पर मुहर लगा दी है।

संशोधित व्यवस्था के तहत बिना वैध अनुमति या लाइसेंस के राफ्टिंग संचालन करते पाए जाने पर संबंधित राफ्ट जब्त की जा सकेगी। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालक पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है।

सरकार का उद्देश्य अनधिकृत राफ्टिंग संचालन पर रोक लगाना और पर्यटकों की सुरक्षा से जुड़े मानकों को अधिक प्रभावी बनाना है। उत्तराखंड में हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक रिवर राफ्टिंग और कयाकिंग के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में सरकार ने संचालकों और गाइडों की जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया है।

नई नियमावली में रिवर गाइड और सेफ्टी कयाकर के लाइसेंस के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी गई है। इससे अनुभवी गाइड और सेफ्टी कयाकर निर्धारित शर्तें पूरी करने पर अधिक समय तक इस क्षेत्र में काम कर सकेंगे।

हालांकि, 50 वर्ष से अधिक आयु के रिवर गाइड और सेफ्टी कयाकर के लिए स्वास्थ्य उपयुक्तता प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक आयु के बावजूद संबंधित व्यक्ति शारीरिक रूप से राफ्टिंग और बचाव कार्यों के लिए सक्षम हो।


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रिवर राफ्टिंग के दौरान लाइफ जैकेट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल पहले से लागू मानकों के तहत जरूरी है। संचालकों को पर्यटकों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना होगा और केवल प्रशिक्षित गाइड तथा अधिकृत उपकरणों के साथ ही राफ्टिंग संचालन की अनुमति होगी।

उत्तराखंड में ऋषिकेश और आसपास का गंगा क्षेत्र रिवर राफ्टिंग का सबसे प्रमुख केंद्र है। इसके अलावा राज्य की अन्य नदियों में भी निर्धारित अनुमति और मौसम की परिस्थितियों के अनुसार राफ्टिंग और कयाकिंग गतिविधियां संचालित होती हैं।

सरकार को उम्मीद है कि संशोधित नियमावली से अवैध संचालन पर अंकुश लगेगा, अनुभवी गाइडों को काम जारी रखने का अवसर मिलेगा और पर्यटकों के लिए रिवर राफ्टिंग अधिक सुरक्षित बन सकेगी।


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