देहरादून साइंस सिटी के निर्माण की मुख्यमंत्री धामी ने की समीक्षा, ‘विज्ञान वाणी’ समेत तीन नई पहल शुरू

देहरादून में निर्माणाधीन साइंस सिटी परियोजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने विज्ञान से जुड़ी तीन नई पहल शुरू कीं। परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों, शोध, नवाचार और विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देना है। जानिए साइंस सिटी में क्या विकसित होगा और इसका लाभ किन लोगों को मिलेगा।
Chief Minister Pushkar Singh Dhami interacts with scientists and officials during the Science City review and launch of science communication initiatives in Dehradun.

देहरादून, 13 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून के झाझरा स्थित विज्ञान धाम परिसर में निर्माणाधीन साइंस सिटी परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति और परिसर में प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी ली।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विज्ञान सेतु पहल के तहत ‘विज्ञान वाणी-88.8 मेगाहर्ट्ज’, ‘विज्ञान दृश्यम’ और ‘विज्ञान धारा’ का शुभारंभ किया। इन पहलों का उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़ी जानकारी को विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम लोगों तक पहुंचाना है।

‘विज्ञान वाणी-88.8 मेगाहर्ट्ज’ विज्ञान संचार से जुड़ी एक रेडियो पहल है। हालांकि ‘विज्ञान दृश्यम’ और ‘विज्ञान धारा’ के कार्यक्रमों, माध्यम और संचालन व्यवस्था का विस्तृत आधिकारिक विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

मुख्यमंत्री ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति से जुड़े सम्मेलन में भी भाग लिया। यह सम्मेलन उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से विज्ञान धाम परिसर में आयोजित किया गया।

उत्तराखंड सरकार ने जून 2026 में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति जारी की थी। नीति का उद्देश्य राज्य में विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित विकास, शोध तथा नवाचार को बढ़ावा देना है।

देहरादून की साइंस सिटी परियोजना उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद के सहयोग से विकसित की जा रही है। केंद्र सरकार की विज्ञान संस्कृति संवर्धन योजना के अंतर्गत बन रही यह परियोजना करीब 26 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है।

परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹173 करोड़ है। उपलब्ध परियोजना विवरण के अनुसार इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी ₹88.20 करोड़ और राज्य सरकार की हिस्सेदारी ₹84.80 करोड़ है। परियोजना के लिए दोनों पक्षों के बीच वर्ष 2021 में समझौता हुआ था।

प्रस्तावित साइंस सिटी में विज्ञान प्रदर्शनी भवन, विज्ञान अन्वेषण भवन, अंतरिक्ष आधारित ‘स्पेस ओडिसी’ क्षेत्र, सम्मेलन केंद्र, विज्ञान पार्क और प्रवेश परिसर जैसी सुविधाएं विकसित की जानी हैं।

परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम लोगों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है। साइंस सिटी में प्रयोग, प्रदर्शन और संवाद आधारित सुविधाओं के जरिए विज्ञान को अधिक सरल और रोचक रूप में प्रस्तुत करने की योजना है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन हिस्सों और प्रस्तावित सुविधाओं का जायजा लिया। अब परियोजना की आगे की प्रगति, प्रदर्शनी क्षेत्रों की स्थापना और इसे आम लोगों के लिए खोले जाने की समयसीमा पर नजर रहेगी।

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