कांवड़ यात्रा 2026: ऋषिकेश में शहर के बाहर रुकेंगे कांवड़ वाहन, आईडीपीएल और खांडगांव में बनेगी पार्किंग

कांवड़ यात्रा के दौरान शहर में वाहनों की भीड़ नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने नई पार्किंग व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की तैयारी शुरू कर दी है। शहर के बाहर प्रस्तावित पार्किंग, अतिक्रमण हटाने और सुरक्षा इंतजामों के जरिए यात्रा को व्यवस्थित रखने की योजना बनाई जा रही है। जानिए क्या बदलने वाला है।
Hundreds of Kanwariyas carrying decorated Kanwars walk along a highway in Rishikesh during the Kanwar Yatra.

ऋषिकेश, 13 जुलाई। कांवड़ मेले के दौरान ऋषिकेश शहर में कांवड़ वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। इन वाहनों को शहर के बाहर आईडीपीएल और खांडगांव में प्रस्तावित पार्किंग स्थलों पर रोका जाएगा। इसके साथ ही यात्रा मार्ग से अतिक्रमण हटाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए संबंधित विभागों को 25 जुलाई तक सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में हुई समन्वय बैठक में पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, जल संस्थान, अग्निशमन विभाग और अन्य एजेंसियों के अधिकारियों ने कांवड़ मेले की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में पार्किंग, यातायात संचालन, सुरक्षा, आपात सेवाओं और भीड़ प्रबंधन पर चर्चा की गई।

आईडीपीएल और खांडगांव में बनने वाली पार्किंग का इस्तेमाल कांवड़ वाहनों को शहर के बाहर रोकने के लिए किया जाएगा। इन स्थानों पर बिजली, पानी और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि वाहनवार पार्किंग व्यवस्था और अंतिम यातायात योजना अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

इस बार विस्थापित क्षेत्र में हर वर्ष बनाई जाने वाली पार्किंग का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। ऐसे में पहले से परिचित वाहन चालकों को आईडीपीएल और खांडगांव की नई व्यवस्था का पालन करना होगा। प्रशासन की अंतिम यातायात योजना जारी होने के बाद पार्किंग और प्रवेश मार्गों की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

कांवड़ यात्रा मार्ग से अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस, नगर निगम और संबंधित विभाग संयुक्त अभियान चलाएंगे। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर भंडारा लगाने के लिए संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति किसी भी स्थान पर भंडारा लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

लोक निर्माण विभाग को आईडीपीएल मार्ग और हरिद्वार बाईपास की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम को अतिक्रमण हटाने और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को राजमार्ग पर बने अनावश्यक कट बंद करने की जिम्मेदारी दी गई है।

बैठक में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की मांग भी रखी गई। पुलिस ने एक कंपनी पीएसी, 150 कांस्टेबल, 30 उपनिरीक्षक और तीन निरीक्षक मांगे हैं। इनमें 20 पुरुष और 10 महिला उपनिरीक्षक शामिल हैं। इसके अलावा 70 होमगार्ड और 70 प्रांतीय रक्षक दल कर्मियों की भी मांग की गई है।

स्वास्थ्य, अग्निशमन, जल, बिजली और परिवहन विभागों को भी कांवड़ मेले के दौरान आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है। दुर्घटना, अचानक भीड़ बढ़ने या स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में सेवाएं तुरंत उपलब्ध रहें, इस पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक के बाद अधिकारियों ने कांवड़ मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण भी किया और जरूरी सुधारों के निर्देश दिए। अब प्रशासन के सामने 25 जुलाई तक पार्किंग, मार्ग सुधार, अतिक्रमण हटाने, सुरक्षा और विभागीय समन्वय से जुड़े काम पूरे करने की समयसीमा है।

कांवड़ यात्रा के दौरान शहर में प्रवेश प्रतिबंध, पार्किंग स्थल और संभावित मार्ग परिवर्तन से जुड़ी अंतिम जानकारी प्रशासन की आधिकारिक यातायात योजना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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