हरिद्वार कुंभ 2027 के लिए 10 रेलवे स्टेशन होंगे तैयार, भीड़ प्रबंधन से यात्री सुविधाओं तक बनेगी नई व्यवस्था

कुंभ 2027 के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे मुख्य स्टेशन के साथ आसपास के नौ अन्य स्टेशनों को भी तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। भीड़ प्रबंधन, यात्री सुविधाओं और संभावित अस्थायी ट्रेन ठहराव की व्यवस्था से यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की तैयारी की जा रही है। जानिए किन स्टेशनों को योजना में शामिल किया गया है।
Aerial view of thousands of pilgrims gathered at Har Ki Pauri during the Haridwar Kumbh, with bathing ghats and pontoon bridges across the Ganga.

हरिद्वार, 13 जुलाई। हरिद्वार कुंभ 2027 के प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान मुख्य रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का दबाव कम करने के लिए रेलवे आसपास के नौ अन्य स्टेशनों को भी तैयार करने की योजना पर काम कर रहा है। इन स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने के साथ जरूरत के अनुसार कुछ ट्रेनों को अस्थायी ठहराव देने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।

रेलवे की योजना में हरिद्वार के साथ ऋषिकेश, योगनगरी ऋषिकेश, हर्रावाला, रायवाला, मोतीचूर, ज्वालापुर, पथरी, लक्सर और रुड़की रेलवे स्टेशन शामिल बताए गए हैं। इन स्टेशनों का उपयोग कुंभ के दौरान यात्रियों की भीड़ को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटने और हरिद्वार मुख्य स्टेशन पर दबाव कम करने के लिए किया जा सकता है।

इन स्टेशनों पर टिकट व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और यात्री सूचना प्रणाली को मजबूत करने की तैयारी है। रेलवे का जोर इस बात पर है कि कुंभ के दौरान आसपास के स्टेशन भी अधिक यात्रियों को संभालने की स्थिति में रहें।

हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर करीब 10 हजार यात्रियों की क्षमता वाला यात्री ठहराव क्षेत्र विकसित करने की योजना भी सामने आ चुकी है। अधिक भीड़ होने पर यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर भेजने से पहले इस क्षेत्र में रोका जा सकेगा और उन्हें नियंत्रित समूहों में आगे भेजने की व्यवस्था की जा सकती है।

मोतीचूर, ज्वालापुर और रायवाला जैसे आसपास के स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने की जरूरत पर भी अधिकारियों ने जोर दिया है। हालांकि इन स्टेशनों पर होने वाले प्रत्येक निर्माण कार्य और उनकी समयसीमा का पूरा आधिकारिक विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

कुंभ अवधि के लिए विशेष ट्रेनें चलाने के साथ कुछ नियमित ट्रेनों को चयनित स्टेशनों पर अस्थायी ठहराव देने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। इससे यात्रियों को हरिद्वार के अलावा आसपास के स्टेशनों से यात्रा करने का विकल्प मिल सकता है, लेकिन अभी यह तय नहीं हुआ है कि कौन-सी ट्रेन किस स्टेशन पर रुकेगी।

रेलवे ने अब तक अस्थायी ठहराव की अंतिम सूची और लागू होने वाली तारीखें जारी नहीं की हैं। ट्रेनवार ठहराव, विशेष ट्रेनों की संख्या और समय-सारणी प्रमुख स्नान पर्वों, संभावित यात्री संख्या और परिचालन जरूरतों के आधार पर तय की जाएगी।

रेलवे, मेला प्रशासन, जिला प्रशासन, जीआरपी और आरपीएफ के बीच यात्री प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समन्वय किया जा रहा है। प्रमुख स्नान दिनों में स्टेशन परिसरों में प्रवेश, निकास, टिकट व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को बेहतर बनाने पर भी काम किया जा रहा है।

मुरादाबाद रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव के अनुसार, कुंभ के लिए रेलवे स्टेशनों पर जरूरी यात्री सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके साथ उन व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जा रहा है, जिनकी बड़ी संख्या में यात्रियों के पहुंचने के दौरान जरूरत पड़ेगी।

दस स्टेशनों की तैयारी समय पर पूरी होती है तो कुंभ के दौरान हरिद्वार मुख्य स्टेशन पर भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना रेलवे की ओर से विशेष ट्रेनों और अस्थायी ठहराव की आधिकारिक समय-सारणी जारी होने के बाद ही बनानी चाहिए।

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