उत्तराखंड में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून की ओर से 15 जुलाई को जारी जिला स्तरीय पूर्वानुमान के अनुसार 15 से 19 जुलाई के बीच राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
बुधवार (15 जुलाई) को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, देहरादून और ऊधम सिंह नगर में भी कहीं-कहीं बारिश के आसार हैं, जबकि हरिद्वार जिले में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। इसी दिन नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर में आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर पड़ सकते हैं।
16 जुलाई को कुमाऊं मंडल के अधिकांश जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। वहीं गढ़वाल मंडल के पर्वतीय जिलों में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पर्वतीय जिलों और ऊधम सिंह नगर में आकाशीय बिजली चमकने तथा तेज बारिश के दौर पड़ने की संभावना भी बनी रहेगी।
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17 जुलाई को मौसम का असर और बढ़ सकता है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस दिन राज्य के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर पड़ने की चेतावनी दी है।
18 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 19 जुलाई को देहरादून, टिहरी और नैनीताल जिलों में भारी बारिश की संभावना है। पर्वतीय जिलों में आकाशीय बिजली और तेज बारिश का असर बना रह सकता है, जबकि मैदानी जिलों में भी कहीं-कहीं गर्जन और बिजली चमकने की संभावना है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में हल्के से मध्यम भूस्खलन, चट्टान गिरने, पहाड़ी सड़कों पर बाधा, छोटे नदी-नालों के उफान और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। विभाग ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।
मौसम विभाग ने लोगों से आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने, सुरक्षित पक्के भवनों में शरण लेने तथा नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की सलाह दी है। राहत की बात यह है कि इस अवधि के लिए जारी पूर्वानुमान में उत्तराखंड के लिए फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का कोई खतरा नहीं बताया गया है।
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