बदरीनाथ मंदिर परिसर में लगाए जा रहे नए CCTV कैमरे, चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद सुरक्षा पर बढ़ी निगरानी

धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था केवल भीड़ प्रबंधन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखने का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। बदरीनाथ धाम में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के पीछे क्या वजह है और इससे क्या बदलाव आएंगे, समझिए...
Officials and staff counting cash offerings during the donation counting process at Badrinath Temple in a screengrab from an ANI video.

चमोली, 15 जुलाई। बदरीनाथ मंदिर परिसर में CCTV निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी और जांच के बीच श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने मंदिर परिसर की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर जोर दिया है।

BKTC उपाध्यक्ष विजय कपरूवान के अनुसार, मंदिर परिसर के महत्वपूर्ण स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले surveillance cameras लगाए जाएंगे। इसके साथ ही धाम में समर्पित सुरक्षा टीम की व्यवस्था को भी आगे बढ़ाने की बात कही गई है।

बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितता का मामला सामने आने के बाद मंदिर समिति, पुलिस SIT और उच्चस्तरीय जांच टीम अलग-अलग स्तर पर रिकॉर्ड और फुटेज की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

मंदिर परिसर में पहले 16 CCTV कैमरे लगे थे। अब 32 नए high-resolution CCTV कैमरे लगाए गए हैं। BKTC के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ के अनुसार, कैमरे लगाने की प्रक्रिया 27 जून से शुरू हुई और 1 जुलाई को पूरी हुई।

रांगड़ ने कहा कि एक donor की ओर से बेहतर CCTV उपकरण उपलब्ध कराए गए थे। उनके अनुसार, कैमरे बदलने की प्रक्रिया में पुराना फुटेज सुरक्षित रखा गया और जांच टीमों को CCTV फुटेज से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

BKTC की ओर से कहा गया था कि पुराने CCTV फुटेज DVR सिस्टम में सुरक्षित हैं और जांच के लिए उपलब्ध रहेंगे। BKTC ने कैमरे बदले जाने को नियमित प्रक्रिया बताया था।

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मंदिर समिति का कहना है कि बदरीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा केंद्र है। ऐसे में चढ़ावे, दान, मंदिर परिसर की गतिविधियों और आंतरिक व्यवस्थाओं की निगरानी को मजबूत करना जरूरी है।

चढ़ावे से जुड़े कथित मामले में BKTC से जुड़े कर्मचारी प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसियां दान और चढ़ावे से जुड़े रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही हैं।

बदरीनाथ धाम में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, दान-पात्रों की निगरानी और पारदर्शिता को लेकर व्यवस्था मजबूत करना समिति और प्रशासन के लिए अहम माना जा रहा है।

फिलहाल CCTV निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की प्रक्रिया को मंदिर परिसर में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में कदम के रूप में देखा जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही चढ़ावे से जुड़े कथित मामले में जिम्मेदारी और आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।

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