देहरादून, 21 जुलाई। उत्तराखंड में आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना है।। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून की ओर से 21 जुलाई की शाम जारी पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार यानी 22 जुलाई को राज्य के छह जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। राज्य के बाकी हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ने का अनुमान है।
पूरे उत्तराखंड में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और कुछ समय के लिए बारिश की रफ्तार काफी बढ़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 21 से 25 जुलाई तक के लिए जिला स्तरीय चेतावनियां जारी की हैं।
23 जुलाई को देहरादून, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश का अनुमान है। इस दिन भी राज्यभर में आकाशीय बिजली चमकने और कुछ समय के लिए तेज बौछारें पड़ने की आशंका है।
24 जुलाई को देहरादून और नैनीताल में मौसम अधिक सक्रिय रह सकता है। वहीं, 25 जुलाई को देहरादून, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के कुछ स्थानों पर अधिक पानी बरसने का अनुमान है।
सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार, 22 से 26 जुलाई के बीच प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 27 जुलाई को इसका दायरा बढ़ने और राज्य के अधिकांश स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ने के आसार हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार पानी बरसने से संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। पहाड़ों से मलबा आने के कारण संपर्क मार्ग और राजमार्ग कुछ समय के लिए बाधित हो सकते हैं।
छोटी नदियों, बरसाती नालों और गदेरों का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका भी जताई गई है। मैदानी और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
चारधाम यात्रा और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों और खड़ी ढलानों के पास अनावश्यक रूप से रुकने से बचने को कहा गया है।
मौसम विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, चमोली, अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत और रुद्रप्रयाग जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ आने का कम से मध्यम खतरा जताया है।
यह चेतावनी 22 जुलाई सुबह 11:30 बजे तक प्रभावी बताई गई है। कम समय में अधिक पानी बरसने पर छोटी नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
आकाशीय बिजली के दौरान लोगों को पक्के भवनों के भीतर रहने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने और बिजली के खंभों, तारों तथा धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को पहाड़ी मार्गों पर सावधानी से चलने और पुलिस तथा जिला प्रशासन की ताजा यातायात सूचना का पालन करने को कहा गया है।
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