नैनीताल। अंकिता भंडारी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे पुलकित आर्य और सौरभ भास्कर को उत्तराखंड हाईकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनकी अपील और सजा निलंबित करने की मांग पर सुनवाई करते हुए मामले की अगली तारीख 10 अगस्त 2026 तय की है।
दोनों ने कोटद्वार की निचली अदालत से मिली उम्रकैद की सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अपील लंबित रहने के दौरान उन्होंने सजा निलंबित करने और जमानत पर रिहा करने की मांग की है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ कर रही है। 20 जुलाई 2026 की सुनवाई में अदालत ने दोनों को तत्काल अंतरिम राहत नहीं दी।
इससे पहले 30 जून 2026 को हुई सुनवाई में भी पुलकित आर्य और सौरभ भास्कर को कोई राहत नहीं मिली थी। उस समय अदालत ने मामले को 20 जुलाई के लिए सूचीबद्ध किया था।
कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 30 मई 2025 को पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को अंकिता भंडारी की हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
अंकिता भंडारी वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी और बाद में उनका शव चीला नहर से बरामद हुआ था।
फिलहाल हाईकोर्ट में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई जारी है। अदालत ने दोषसिद्धि या उम्रकैद की सजा पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है। पुलकित आर्य और सौरभ भास्कर की सजा निलंबन और जमानत से जुड़ी मांग पर अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी।
अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। मामले में निचली अदालत का फैसला आने के बाद अब दोषियों की अपील हाईकोर्ट में विचाराधीन है। अपील पर अंतिम निर्णय होने तक निचली अदालत की दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा प्रभावी बनी रहेगी।
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