देहरादून, 23 जुलाई। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा के दो प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।
आशीष कुमार गुप्ता देहरादून के शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में सहायक प्रोफेसर थे। विश्वविद्यालय ने उन्हें सेमेस्टर परीक्षा के लिए बाहरी प्रश्नपत्र निर्माता की जिम्मेदारी दी थी।
जांच में आरोप सामने आया कि ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ विषय की परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों के समान सवाल परीक्षा से पहले विद्यार्थियों के आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सऐप समूह पर साझा किए गए थे। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने इसकी जांच कराई।
जांच के आधार पर विश्वविद्यालय ने ‘मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स’ विषय की परीक्षा रद्द कर दी। इसका विषय कोड IOTT004 है। इसी शिक्षक की ओर से तैयार ‘इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी’ के प्रश्नपत्र की गोपनीयता को लेकर भी गंभीर आशंका सामने आई, जिसके बाद इस विषय की परीक्षा भी निरस्त कर दी गई। इसका विषय कोड ECT043 है।
दोनों विषयों की परीक्षाएं अब अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में दोबारा कराई जाएंगी। विश्वविद्यालय की ओर से पुनर्परीक्षा की विस्तृत तिथि और परीक्षा केंद्रों की जानकारी अलग से जारी की जाएगी।
विश्वविद्यालय ने आशीष कुमार गुप्ता को परीक्षा संबंधी सभी गतिविधियों से सात साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। इस अवधि में उन्हें प्रश्नपत्र तैयार करने, मूल्यांकन या विश्वविद्यालय की किसी अन्य परीक्षा संबंधी जिम्मेदारी में शामिल नहीं किया जाएगा।
शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग ने भी आंतरिक और विश्वविद्यालय स्तर की जांच के बाद आशीष कुमार गुप्ता की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। हालांकि उनके खिलाफ एफआईआर अभी दर्ज नहीं हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन कानूनी राय लेने के बाद पुलिस में शिकायत देने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।
विश्वविद्यालय ने इस मामले को परीक्षा की गोपनीयता और शैक्षणिक व्यवस्था का गंभीर उल्लंघन माना है। कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि मामले में किन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाता है।
दोनों परीक्षाएं रद्द होने के कारण विद्यार्थियों को अब दोबारा तैयारी करनी होगी। विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों से पुनर्परीक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट और अपने संस्थान के संपर्क में रहने को कहा है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता या आर्थिक लेन-देन की पुष्टि नहीं हुई है। मामले में आगे की स्थिति पुलिस शिकायत और विश्वविद्यालय की विस्तृत कार्रवाई के बाद साफ होगी।
यह भी पढ़ें: उत्तराखंड के डोईवाला में 61 हजार मतदाताओं को जारी होंगे नोटिस, साल 2003 की सूची से होगा रिकॉर्ड का सत्यापन
यह भी पढ़ें: बदरीनाथ धाम के चढ़ावे का हिसाब जांच के घेरे में, 34 बार की गिनती में करीब ₹23 करोड़ दर्ज




