चमोली, 16 अगस्त। पीपलकोटी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के तीन दिन बाद भी राहत-बचाव अभियान जारी है। शुक्रवार तक हादसे में सात श्रमिकों की मौत की पुष्टि हुई थी। शनिवार को लापता श्रमिकों में से एक का शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई। सुरंग के भीतर जमा पानी और मलबे के बीच अब भी दो लापता श्रमिकों की तलाश जारी है।
हादसे के बाद तीन श्रमिक लापता थे। शनिवार को इनमें से एक श्रमिक का शव टनल से बरामद किया गया। इसके बाद मृतकों की संख्या सात से बढ़कर आठ हो गई, जबकि दो श्रमिकों की तलाश अभी जारी है।
पीपलकोटी स्थित निर्माणाधीन टनल हादसे के बाद से लापता लोगों को ढूंढने हेतु संबंधित विभागों द्वारा रेस्क्यू अभियान लगातार चलाया जा रहा है।#Thdc#Tunnel #Chamoli #Rescue #Uttarakhand pic.twitter.com/C4SMx8eB9z
— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) August 15, 2026
यह हादसा 13 अगस्त की शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच मायापुर-पीपलकोटी क्षेत्र में THDC की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुआ था। उस समय दूसरी शिफ्ट में श्रमिक अंदर काम कर रहे थे। अचानक बड़ी मात्रा में पानी, कीचड़ और मलबा टनल के भीतर आ गया, जिससे वहां मौजूद 22 श्रमिक फंस गए थे।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रातभर चले अभियान में श्रमिकों को टनल से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों का उपचार भी शुरू कराया गया।
बचाव अभियान में सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के भीतर जमा पानी और कीचड़ है। पानी का स्तर कम करने के लिए बड़े पंप लगाए गए हैं। इसके साथ ही मलबा हटाकर रेस्क्यू टीमें टनल के अंदर आगे बढ़ने का रास्ता तैयार कर रही हैं।
अभियान में NDRF, SDRF, ITBP, सेना, पुलिस, जिला प्रशासन और परियोजना से जुड़ी टीमें शामिल हैं। पानी निकालने और मलबा हटाने का काम एक साथ चल रहा है, ताकि टनल के उन हिस्सों तक पहुंचा जा सके जहां लापता श्रमिकों की तलाश की जा रही है।
आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने भी घटनास्थल पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि दोनों लापता श्रमिकों की तलाश पूरी होने तक अभियान जारी रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि टनल के भीतर अचानक इतनी बड़ी मात्रा में पानी और मलबा कैसे पहुंचा और घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति क्या थी।
फिलहाल बचाव दलों का पूरा ध्यान दोनों लापता श्रमिकों की तलाश पर है। सुरंग में पानी और मलबा होने के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन टीमें लगातार अंदर आगे बढ़ने की कोशिश कर रही हैं।
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