रुद्रप्रयाग में केदारनाथ-बदरीनाथ मार्ग को जोड़ने वाला पुल लगभग तैयार, परीक्षण सफल; जल्द खुलेगा यातायात

दो प्रमुख धामों के बीच संपर्क बेहतर होने के साथ इस पुल से रुद्रप्रयाग नगर की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है। यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए इसके खुलने के बाद क्या बदलेगा, आगे जानें।
Aerial view of a bridge over a river in Rudraprayag connecting mountainous roads

रुद्रप्रयाग, 12 सितंबर। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के मार्गों को जोड़ने वाला पुल अब लगभग तैयार है। पुल की क्षमता जांचने की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। लगातार बारिश के कारण कुछ अंतिम काम अभी बाकी हैं, जिन्हें मौसम अनुकूल होते ही पूरा किया जाएगा।

यह पुल रुद्रप्रयाग में बदरीनाथ हाईवे को केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ता है। इसके शुरू होने से दोनों धामों की ओर जाने वाले मार्गों के बीच संपर्क बेहतर होगा और स्थानीय लोगों के साथ तीर्थयात्रियों को भी आवाजाही में सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 11 सितंबर को सोशल मीडिया के जरिए पुल की प्रगति की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और तकनीकी परीक्षण भी सफल रहा है। बारिश के कारण रुके हुए बाकी कार्य मौसम साफ होते ही पूरे किए जाएंगे।

सितंबर की शुरुआत में पुल की क्षमता जांचने के लिए छह ट्रकों के जरिए करीब 150 टन भार डाला गया था। इस दौरान पुल के व्यवहार, तापमान और अन्य तकनीकी मानकों की जांच की गई। परीक्षण सफल रहने के बाद अब केवल अंतिम निर्माण कार्य और जरूरी औपचारिकताएं बाकी हैं।

शेष काम पूरा होने के बाद पुल को आम यातायात के लिए खोला जाएगा। हालांकि इसके लिए अभी कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।

पुल के शुरू होने से रुद्रप्रयाग नगर में यातायात का दबाव कम होने की भी उम्मीद है। केदारनाथ और बदरीनाथ की ओर जाने वाले वाहनों को बेहतर संपर्क मिलने से यात्रा के दौरान आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी।

केदारनाथ और बदरीनाथ चारधाम यात्रा के दो प्रमुख धाम हैं। ऐसे में दोनों मार्गों को जोड़ने वाला यह पुल स्थानीय यातायात और तीर्थयात्रा दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य मौसम अनुकूल होते ही बाकी काम पूरा कर इसे जल्द यातायात के लिए खोलना है।

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