Uttarakhand: देहरादून में ई-चालान भरना हुआ आसान, अब पेमेंट ऐप से करें भुगतान; फर्जी लिंक और साइबर ठगी से बचें

देहरादून में वाहन चालक अब Paytm, PhonePe और Google Pay से ट्रैफिक ई-चालान भर सकते हैं। जानिए भुगतान की प्रक्रिया और फर्जी चालान लिंक से बचने की जरूरी सावधानियां।
Motorist using a smartphone for ई-चालान payment beside a parked vehicle on a Dehradun street.

देहरादून, 10 अक्टूबर। देहरादून में वाहन चालक अब Paytm, PhonePe और Google Pay जैसे डिजिटल पेमेंट ऐप से भी अपने ट्रैफिक चालान का भुगतान कर सकेंगे। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, इस सुविधा का उद्देश्य चालान भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ ई-चालान के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से लोगों को बचाना भी है।

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, वाहन चालक पेमेंट ऐप में ट्रैफिक चालान का विकल्प चुनकर उत्तराखंड पुलिस का चयन कर सकते हैं। इसके बाद वाहन नंबर दर्ज करने पर बकाया चालान की जानकारी दिखाई देगी और वहीं से भुगतान किया जा सकेगा।

इस सुविधा के जरिए अब तक 572 चालानों का भुगतान किया जा चुका है। इनसे 6 लाख 9 हजार 100 रुपये की राशि जमा हुई है।

पेमेंट ऐप के जरिए चालान का भुगतान करने पर करीब तीन से चार रुपये तक अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। यह शुल्क भुगतान के तरीके के अनुसार अलग हो सकता है।

ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से किसी अनजान SMS, WhatsApp संदेश या संदिग्ध लिंक के जरिए चालान का भुगतान नहीं करने की अपील की है। साइबर ठग ई-चालान के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर लोगों की बैंकिंग और निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।

वाहन चालकों को भुगतान से पहले वाहन नंबर और चालान की जानकारी अच्छी तरह जांचने की सलाह दी गई है। OTP, कार्ड की जानकारी, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी या अन्य निजी विवरण किसी संदिग्ध लिंक पर साझा नहीं करने को कहा गया है।

वाहन चालक केंद्र सरकार के आधिकारिक e-Challan पोर्टल के जरिए भी अपना चालान देख और जमा कर सकते हैं। उत्तराखंड परिवहन विभाग की वेबसाइट पर भी ऑनलाइन ई-चालान भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।

ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि पेमेंट ऐप से सीधे भुगतान की सुविधा मिलने से वाहन चालकों को चालान जमा करने का एक और आसान विकल्प मिलेगा। साथ ही अनजान वेबसाइट या फर्जी लिंक के जरिए भुगतान करने से होने वाली ठगी से बचने में भी मदद मिलेगी।

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