देहरादून, 13 अक्टूबर। उत्तराखंड में गुटखा और तंबाकू-निकोटीन युक्त पान मसाला पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। प्रतिबंध के दौरान इन उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर रोक रहेगी।
आदेश का दायरा उन खाद्य उत्पादों पर लागू होगा, जिनमें तंबाकू या निकोटीन को सामग्री के रूप में मिलाया जाता है। इसमें गुटखा, तंबाकू-निकोटीन युक्त पान मसाला और इसी तरह के अन्य खाद्य उत्पाद शामिल हैं।
यानी प्रतिबंध केवल दुकानों पर इन उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं रहेगा। इनके निर्माण, स्टॉक रखने और सप्लाई करने पर भी रोक होगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।
हालांकि यह प्रतिबंध सिगरेट, बीड़ी या हर प्रकार के तंबाकू उत्पाद पर लागू नहीं है। मौजूदा आदेश मुख्य रूप से उन खाद्य उत्पादों से जुड़ा है, जिनमें तंबाकू या निकोटीन मिलाया जाता है।
Food Safety and Standards (Prohibition and Restrictions on Sales) Regulations, 2011 के Regulation 2.3.4 के तहत किसी भी खाद्य उत्पाद में तंबाकू और निकोटीन को सामग्री के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है।
Food Safety and Standards Act के तहत खाद्य सुरक्षा आयुक्त सार्वजनिक स्वास्थ्य को देखते हुए ऐसे खाद्य उत्पादों पर अधिकतम एक वर्ष के लिए रोक लगाने का आदेश जारी कर सकते हैं।
उत्तराखंड में इससे पहले भी तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला पर इस तरह का प्रतिबंध लगाया जा चुका है। नए आदेश के बाद एक बार फिर इन उत्पादों के निर्माण से लेकर बिक्री तक पूरी सप्लाई चेन प्रतिबंध के दायरे में रहेगी।
प्रतिबंध लागू होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रतिबंधित उत्पादों का निर्माण, भंडारण, वितरण या बिक्री करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी।
यह भी पढ़ें: Uttarakhand Governor: डॉ. ढाल सिंह बिसेन की उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में नियुक्ति, जानिए उनका राजनीतिक सफर




