उत्तराखंड में ट्रैफिक नियमों पर सख्ती, बाइक की पिछली सीट पर बैठने वालों के लिए भी हेलमेट जरूरी; उल्लंघन पर इतने का कटेगा चालान

उत्तराखंड में दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाले यात्रियों के लिए हेलमेट पहनने के मौजूदा नियम का पालन बढ़ाने की तैयारी है। परिवहन विभाग जागरूकता अभियान चलाएगा, जबकि बिना हेलमेट सफर करने पर ₹1,000 की पेनल्टी और लाइसेंस संबंधी कार्रवाई का प्रावधान है।
Motorcycle rider and pillion passenger wearing protective helmets, with the pillion rider's helmet highlighted by a red circle and a ₹1,000 traffic penalty marker.

देहरादून, 17 अक्टूबर। उत्तराखंड में बाइक और स्कूटी पर पिछली सीट पर बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट पहनना जरूरी है। यह व्यवस्था पहले से लागू है, लेकिन अब परिवहन विभाग इसका पालन बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने जा रहा है। बिना हेलमेट मिलने पर ₹1,000 का चालान हो सकता है।

मोटर वाहन अधिनियम के तहत चार साल से अधिक उम्र के दोपहिया वाहन चालक और उसके साथ सफर करने वाले व्यक्ति, दोनों के लिए हेलमेट जरूरी है। यानी चालक ने हेलमेट पहना हो, लेकिन पिछली सीट पर बैठी सवारी बिना हेलमेट हो तो भी कार्रवाई की जा सकती है।

अपर आयुक्त परिवहन एसके सिंह के अनुसार जल्द ही बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। इसमें चालान काटने से ज्यादा जोर लोगों को सुरक्षित सफर के लिए हेलमेट पहनने के प्रति जागरूक करने पर रहेगा।

कानून में बिना हेलमेट वाहन चलाने या चलने देने पर ₹1,000 जुर्माने का प्रावधान है। इसके साथ ही तीन महीने तक ड्राइविंग लाइसेंस रखने से अयोग्य किए जाने की कार्रवाई भी हो सकती है।

सफर के दौरान हेलमेट सिर्फ सिर पर रखना ही काफी नहीं है। उसे सही तरीके से पहनने और स्ट्रैप को ठीक से बांधने की भी जरूरत है, ताकि हादसे की स्थिति में हेलमेट सिर से न निकले और सुरक्षा मिल सके।

उत्तराखंड में यह कोई नया नियम नहीं है। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस पहले भी पिछली सीट पर बिना हेलमेट सफर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं।

विभाग का मकसद केवल चालान करना नहीं, बल्कि सड़क हादसों में सिर पर लगने वाली गंभीर चोट और मौत के खतरे को कम करना भी है। इसलिए दोपहिया वाहन पर सफर करने वाले दोनों लोगों को हेलमेट पहनना होगा।

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