केदारताल ट्रेक पर लापता 8 ट्रेकर्स में से 2 के शव बरामद, बाकी 6 की तलाश जारी

केदारखड़क में बर्फ के नीचे दो शव मिलने के बाद भी छह लोगों का पता नहीं चल सका है। मौसम के कारण बचाव अभियान प्रभावित है। इस बीच उत्तरकाशी में 4,000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले ट्रेक मार्गों के लिए नए परमिट रोक दिए गए हैं।
SDRF personnel using ropes to navigate a steep, snow-covered slope during search and rescue operations for missing trekkers on the Kedartal trek in Uttarkashi.

उत्तरकाशी, 3 नवंबर। उत्तरकाशी जिले के केदारताल ट्रेक पर लापता आठ लोगों में से दो ट्रेकर्स के शव मंगलवार को बरामद हुए हैं। इनमें एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं, जिनकी अभी पहचान नहीं हो सकी है। दोनों शव केदारखड़क के पास बर्फ में दबे मिले। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान के दौरान शवों को खोजा। वहीं, लापता छह अन्य लोगों की तलाश जारी है। खराब मौसम के कारण दोपहर में रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा।

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने दो शव मिलने की पुष्टि की है। मंगलवार सुबह मौसम साफ होने पर SDRF और निम की दस सदस्यीय टीम ने करीब साढ़े सात बजे तलाशी अभियान शुरू किया था। केदारखड़क के आसपास लगभग चार हजार मीटर की ऊंचाई पर बर्फ में दबे दोनों शव मिले। हालांकि, इन्हें अभी नीचे नहीं लाया जा सका है।

मंगलवार दोपहर मौसम खराब होने के कारण बचाव दल को तलाशी अभियान रोककर केदारखड़क स्थित बेस कैंप लौटना पड़ा। बुधवार को मौसम अनुकूल होने पर दोनों शवों को हेलीकॉप्टर से हर्षिल पहुंचाने की योजना है। इसके साथ ही बाकी छह लापता लोगों की तलाश भी दोबारा शुरू की जाएगी।

SDRF के सेनानायक अर्पण यदुवंशी के अनुसार, बुधवार को बचाव अभियान में जुटी टीम की सहायता के लिए एक अतिरिक्त दल केदारखड़क भेजा जाएगा। यह दल अपने साथ राशन और ऊंचाई वाले बर्फीले क्षेत्रों में काम आने वाले जरूरी उपकरण लेकर जाएगा। बचाव दल ने घटनास्थल के पास एक वैकल्पिक हेलीपैड भी तैयार किया है, ताकि हेलीकॉप्टर से राहत एवं बचाव कार्य में मदद मिल सके।

इससे पहले सोमवार को बचाव दल को केदारखड़क क्षेत्र में बर्फ के नीचे दबे टेंट और ट्रेकर्स का सामान मिला था। इनमें कपड़े, चप्पलें और राशन सामग्री शामिल थी। सामान मिलने के बाद आसपास के इलाके में तलाश तेज की गई, लेकिन सोमवार को किसी लापता व्यक्ति का पता नहीं चल सका था।

सात ट्रेकर्स और उनके सहयोगियों का दल 27 अक्टूबर को गंगोत्री से केदारताल के लिए रवाना हुआ था। दल को 29 अक्टूबर तक वापस लौटना था, लेकिन इसी दौरान क्षेत्र में भारी बर्फबारी और हिमस्खलन हुआ। इसके बाद से सात ट्रेकर्स और उनके स्थानीय गाइड का संपर्क टूट गया। लापता ट्रेकर्स में पांच पश्चिम बंगाल और दो उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, जबकि गाइड उत्तरकाशी का निवासी है।

दल के साथ गए तीन पोर्टर और एक रसोइया पहले ही सुरक्षित वापस लौट आए थे। उनके लौटने के बाद बाकी आठ लोगों के फंसे होने की जानकारी प्रशासन को मिली और बचाव अभियान शुरू किया गया। हालांकि, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फ जमा होने और कई जगह हिमस्खलन से रास्ते बंद होने के कारण बचाव दलों को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

इस बीच उत्तरकाशी वन प्रभाग ने खराब मौसम को देखते हुए चार हजार मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले ट्रेक मार्गों पर नए परमिट जारी करने पर रोक लगा दी है। प्रभागीय वनाधिकारी जीवन मोहन डगाडे के अनुसार, मौसम में सुधार होने तक यह प्रतिबंध लागू रहेगा। इसका असर लमखागा पास और त्रिखंडा जैसे ऊंचाई वाले ट्रेक मार्गों पर भी पड़ेगा।

फिलहाल बरामद दोनों शवों की पहचान नहीं हुई है। बाकी छह लोगों की स्थिति को लेकर भी कोई निश्चित जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन की प्राथमिकता मौसम साफ होने पर दोबारा तलाशी अभियान शुरू करना और दोनों शवों को हर्षिल पहुंचाना है।

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