उत्तरकाशी, 7 नवंबर। उत्तरकाशी जिले के केदारताल ट्रेक पर लापता आठ लोगों में से अब तक सात के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि एक व्यक्ति का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। शुक्रवार को तीन शव हेलीकॉप्टर से उत्तरकाशी जिला अस्पताल पहुंचाए गए। वहीं, घटनास्थल पर दस फीट से अधिक बर्फ जमा होने और लगातार खराब मौसम के कारण प्रशासन ने फिलहाल तलाशी अभियान बंद कर दिया है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं के अनुसार, केदारताल ट्रेक मार्ग पर भारी बर्फबारी के कारण बचाव अभियान चलाना मुश्किल हो गया था। कई स्थानों पर दस फीट से अधिक बर्फ जमा है और हिमस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। इन परिस्थितियों में बचाव दल की सुरक्षा को देखते हुए अभियान बंद करने का निर्णय लिया गया। शुक्रवार को SDRF और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की टीम भी हेलीकॉप्टर से हर्षिल लौट आई।
इससे पहले गुरुवार को बचाव दल को बर्फ में दबे दो और लोगों के शव मिले थे। इसके बाद बरामद शवों की संख्या छह हो गई थी। शुक्रवार तक कुल सात शव मिलने की पुष्टि हुई। हालांकि, खराब मौसम के कारण पहले बरामद किए गए तीन शवों को गुरुवार को नीचे नहीं लाया जा सका था। शुक्रवार को मौसम में सुधार होने पर इन शवों को हेलीकॉप्टर से उत्तरकाशी जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
शुक्रवार को अस्पताल लाए गए शवों की पहचान उत्तरकाशी निवासी स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा और पश्चिम बंगाल के दो ट्रेकर्स तपस बाउरी तथा मनोज खवास के रूप में हुई है। इससे पहले बरामद चार शवों की पहचान लखनऊ निवासी सगी बहनों दीपिका वर्मा और वर्तिका वर्मा तथा पश्चिम बंगाल के रिंटु मंडल और उदय घोष के रूप में हुई थी।
शुरुआती पहचान सूची के अनुसार, पश्चिम बंगाल निवासी रतन घोष भी लापता ट्रेकिंग दल में शामिल थे। सात अन्य लोगों के शव मिलने के बाद वही एकमात्र व्यक्ति हैं जिनका अब तक पता नहीं चला है। हालांकि, प्रशासन की ओर से शेष लापता व्यक्ति की पहचान को लेकर अलग से अंतिम पुष्टि सामने नहीं आई है।
सात ट्रेकर्स और उनके स्थानीय गाइड का दल 27 अक्टूबर को गंगोत्री से केदारताल के लिए रवाना हुआ था। दल को 29 अक्टूबर तक वापस लौटना था, लेकिन वापसी के दौरान कच्ची ढांग के आसपास भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण आठ लोग लापता हो गए। दल के साथ गए तीन पोर्टर और एक रसोइया सुरक्षित लौट आए थे।
लापता लोगों की तलाश के लिए SDRF और निम की संयुक्त टीम ने कई दिनों तक केदारखड़क और कच्ची ढांग के आसपास अभियान चलाया। बचाव दल को बर्फ में दबे टेंट, कपड़े और ट्रेकिंग का अन्य सामान भी मिला था। घटनास्थल के पास अस्थायी हेलीपैड तैयार किया गया, जिसकी मदद से राहत सामग्री पहुंचाने और शवों को नीचे लाने का काम किया गया।
फिलहाल केदारताल ट्रेक पर तलाशी अभियान बंद है। भारी बर्फबारी, दुर्गम पहाड़ी रास्तों और हिमस्खलन के खतरे के कारण बचाव दल को वापस बुला लिया गया है। अब तक सात लोगों के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि एक व्यक्ति की तलाश पूरी नहीं हो सकी है।
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