चारधाम यात्रा मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक वाहनों की आवाजाही पर रोक

चारधाम यात्रा के दौरान अब रात 10 बजे के बाद वाहनों को यात्रा मार्गों पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं होगी। आखिर यह नियम किन वाहनों पर लागू होगा, यात्रियों को कहां रुकना होगा और प्रशासन ने यह फैसला क्यों लिया है, जानिए।
चारधाम यात्रा मार्ग पर रात के समय वाहनों की जांच करती पुलिस और रुकी हुई गाड़ियां

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है। यह प्रतिबंध यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए लागू किया गया है। आदेश के तहत यात्रा मार्गों पर यात्री वाहनों के साथ मालवाहक वाहनों के संचालन पर भी रात के समय रोक रहेगी।

गढ़वाल मंडल आयुक्त के निर्देश के बाद पुलिस और प्रशासन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है। नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस रात के समय वाहनों को रोककर यात्रियों और चालकों को निर्धारित होल्डिंग या पार्किंग स्थलों पर रुकने के लिए कह रही है।

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चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। ऐसे में पहाड़ी सड़कों पर रात के समय यात्रा को जोखिमभरा माना जाता है। संकरी सड़कें, तीखे मोड़, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र और मौसम में अचानक बदलाव जैसी परिस्थितियां रात की यात्रा को और चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं।

पुलिस ने वाहन चालकों और यात्रियों से अपील की है कि वे रात 10 बजे के बाद यात्रा न करें और प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करें। यात्रियों को अपने सफर की योजना इस तरह बनाने की सलाह दी गई है कि वे तय समय से पहले सुरक्षित पड़ाव या पार्किंग स्थल पर पहुंच सकें।

प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था दुर्घटनाओं की आशंका कम करने और यात्रा को सुरक्षित बनाए रखने के लिए की गई है। चारधाम यात्रा मार्गों पर यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस लगातार चेकिंग कर रही है।

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