देहरादून में नए घरेलू रसोई गैस (LPG) कनेक्शन बंद, 70 एजेंसियों में 1670 आवेदन लंबित

नए घरेलू LPG कनेक्शन नहीं मिलने से सबसे अधिक परेशानी उन परिवारों, किरायेदारों और नए आवेदकों को हो रही है, जिन्हें रोजमर्रा की रसोई व्यवस्था शुरू करने के लिए गैस कनेक्शन की जरूरत है। आवेदन लंबित रहने की वजह अब तक स्पष्ट नहीं होने से अनिश्चितता बढ़ रही है, जबकि विभाग और तेल कंपनियों से स्पष्ट जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर वितरण केंद्र पर रखे हुए।

देहरादून, 27 जुलाई। देहरादून जिले की गैस एजेंसियों के पोर्टल पर नए घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। इसके कारण विभिन्न तेल कंपनियों से जुड़ी 70 गैस एजेंसियों में 1670 आवेदन लंबित हो गए हैं। हालांकि, नए कनेक्शन क्यों नहीं जारी हो रहे हैं, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है।

नया कनेक्शन लेने के लिए आवेदन कर चुके लोग लगातार गैस एजेंसियों और जिला पूर्ति कार्यालय से जानकारी मांग रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें यह नहीं बताया जा रहा कि कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया कब से दोबारा शुरू होगी।

नए आवेदकों में हाल में मकान बदलने वाले परिवार, किरायेदार और पहली बार अपने नाम से गैस कनेक्शन लेने वाले लोग शामिल हैं। आवेदन करने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।

गैस एजेंसियां पोर्टल पर नया कनेक्शन जारी नहीं होने की बात कह रही हैं। वहीं, आवेदक जिला पूर्ति कार्यालय पहुंचकर स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। स्पष्ट जवाब नहीं मिलने के कारण कई लोगों को बार-बार एजेंसी और कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

जिला आपूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने कहा, “जिले में घरेलू गैस व कमर्शियल गैस की स्थिति सामान्य है। उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद सिलिंडरों की होम डिलीवरी हो रही है। नये घरेलू गैस कनेक्शनों पर अभी रोक है। उम्मीद है कि जल्द केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद नये कनेक्शन मिलने शुरू हो जाएंगे।

हालांकि, पहले से घरेलू एलपीजी कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए सिलेंडर की बुकिंग और आपूर्ति जारी है। मौजूदा परेशानी केवल नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने वाले लोगों से जुड़ी है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि लंबित 1670 आवेदनों का निस्तारण कब होगा। आवेदकों का कहना है कि संबंधित विभाग को नए कनेक्शन नहीं जारी होने का कारण और प्रक्रिया शुरू होने की संभावित तारीख स्पष्ट करनी चाहिए।

लंबित आवेदनों की संख्या को देखते हुए अब जिला पूर्ति विभाग और गैस कंपनियों से स्पष्ट सूचना जारी करने की मांग उठ रही है। आवेदकों का कहना है कि प्रक्रिया बंद रहने का कारण और इसे दोबारा शुरू करने की समयसीमा सार्वजनिक की जाए, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों और एजेंसियों के चक्कर न लगाने पड़ें।

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