रुद्रप्रयाग, 8 नवंबर। केदारनाथ धाम में दीपावली के अवसर पर मंदिर को करीब 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। रंग-बिरंगे फूलों से सजा बाबा केदार का दरबार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसी बीच धाम में शीतकाल के लिए कपाट बंद करने की धार्मिक प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। क्षेत्रपाल भगवान भुकुंड भैरवनाथ के कपाट बंद होने के बाद अब 11 नवंबर को भैयादूज के दिन सुबह 8:30 बजे केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य विनीत चंद्र पोस्ती के अनुसार, दीपावली के अवसर पर मंदिर को फूलों से सजाया गया है। मंदिर परिसर में दीपोत्सव की तैयारियां भी की गई हैं। कपाट बंद होने से पहले दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु मंदिर की सजावट के साथ बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं।
केदारनाथ धाम के क्षेत्रपाल माने जाने वाले भगवान भुकुंड भैरवनाथ के कपाट शनिवार, 7 नवंबर को विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस दौरान स्थानीय हक-हकूकधारी, तीर्थ पुरोहित, मंदिर समिति के सदस्य और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। भैरवनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के साथ ही केदारनाथ धाम की शीतकालीन कपाटबंदी से जुड़ी धार्मिक प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मंदिर समिति की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार, केदारनाथ मंदिर के कपाट 11 नवंबर को सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद होंगे। इससे पहले मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। कपाट बंद होने के साथ ही इस वर्ष की केदारनाथ धाम यात्रा का समापन हो जाएगा।
कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली 11 नवंबर को धाम से रवाना होगी। पहले दिन डोली रामपुर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। अगले दिन 12 नवंबर को डोली रामपुर से फाटा और नारायणकोटी होते हुए गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी।
इसके बाद 13 नवंबर को बाबा केदार की उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी। यहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार भगवान केदारनाथ की पूजा-अर्चना शुरू होगी।
केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद श्रद्धालु धाम में नियमित दर्शन नहीं कर सकेंगे। हालांकि, शीतकाल के दौरान बाबा केदार की पूजा ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में जारी रहेगी। श्रद्धालु सर्दियों में यहां पहुंचकर भगवान केदारनाथ के दर्शन कर सकेंगे।
रुद्रप्रयाग जिले में हिमालय की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। सर्दियों में अत्यधिक ठंड और भारी बर्फबारी के कारण हर वर्ष मंदिर के कपाट लगभग छह महीने के लिए बंद कर दिए जाते हैं। इसके बाद अगले यात्रा सत्र में कपाट खुलने पर केदारनाथ धाम में नियमित दर्शन दोबारा शुरू होते हैं।
वहीं, चारधाम यात्रा के अन्य मंदिरों के कपाट बंद होने का कार्यक्रम भी निर्धारित है। गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर, यमुनोत्री धाम के कपाट 11 नवंबर और बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे।
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