देहरादून, 14 जुलाई। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत में उत्तराखंड की स्नेह राणा ने अपनी गेंदबाजी से खास पहचान बनाई। देहरादून की इस ऑफ स्पिनर ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में 42 रन देकर चार विकेट लिए और मेजबान टीम को 186 रन पर समेटने में अहम भूमिका निभाई।
भारत ने यह मुकाबला 270 रन के बड़े अंतर से जीता। लॉर्ड्स में आयोजित पहले महिला टेस्ट में मिली इस जीत के बीच स्नेह का प्रदर्शन उत्तराखंड के लिए विशेष रहा। उन्होंने दबाव के समय इंग्लैंड के मध्य और निचले क्रम को झकझोरते हुए मैच को भारत के पक्ष में मोड़ने में मदद की।
इंग्लैंड ने चौथे दिन छह विकेट पर 130 रन से आगे खेलना शुरू किया था। मेजबान टीम की कोशिश मैच बचाने की थी, लेकिन स्नेह ने अपनी सधी हुई गेंदबाजी से बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उन्होंने लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड की बची हुई उम्मीदों पर रोक लगा दी।
स्नेह ने मैच की पहली पारी में भी चार विकेट लिए थे। इस तरह उन्होंने दोनों पारियों में गेंद से प्रभावी योगदान दिया। पहली पारी में क्रांति गौड़ के पांच विकेट के साथ स्नेह की गेंदबाजी ने इंग्लैंड को 170 रन पर रोक दिया था।
दूसरी पारी में स्नेह की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई। भारत ने इंग्लैंड को 457 रन का लक्ष्य दिया था, लेकिन मैच बचाने के लिए मेजबान बल्लेबाजों को लंबे समय तक क्रीज पर टिकना जरूरी था। स्नेह ने यही साझेदारियां बनने नहीं दीं और चार विकेट लेकर भारतीय जीत की राह आसान कर दी।
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स्नेह राणा देहरादून से आती हैं और भारतीय टीम में गेंदबाजी हरफनमौला की भूमिका निभाती हैं। उन्होंने वर्ष 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपने पहले ही टेस्ट में उन्होंने नाबाद 80 रन की पारी खेलकर भारत को हार से बचाने में अहम भूमिका निभाई थी।
इसके बाद भी स्नेह ने कई मौकों पर बल्ले और गेंद दोनों से भारतीय टीम को संभाला है। चोट और टीम से बाहर रहने के दौर के बावजूद उन्होंने वापसी की और खुद को लंबे प्रारूप की भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल किया।
लॉर्ड्स में इस बार उन्हें बल्ले से बड़ी पारी खेलने का अवसर नहीं मिला, लेकिन गेंद से उनका प्रभाव स्पष्ट दिखाई दिया। इंग्लैंड के बल्लेबाजों के खिलाफ उन्होंने धैर्य, नियंत्रण और अनुभव का इस्तेमाल किया।
स्नेह का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है, क्योंकि लॉर्ड्स दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट मैदानों में गिना जाता है। यहां खेले गए पहले महिला टेस्ट में उत्तराखंड की खिलाड़ी का आठ विकेट के साथ भारतीय जीत में योगदान देना प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरक उपलब्धि है।
भारत की जीत में यास्तिका भाटिया के शतक और क्रांति गौड़ के सात विकेट की भी बड़ी भूमिका रही, लेकिन अंतिम पारी में इंग्लैंड को समेटने का काम स्नेह राणा ने आगे बढ़कर किया। उनके चार विकेट ने यह सुनिश्चित किया कि मेजबान टीम मुकाबले को पांचवें दिन तक न खींच सके।
देहरादून से निकलकर भारतीय टीम और फिर लॉर्ड्स तक पहुंची स्नेह राणा की यात्रा उत्तराखंड की उन युवा खिलाड़ियों के लिए उम्मीद जगाती है, जो सीमित सुविधाओं के बावजूद क्रिकेट में आगे बढ़ने का सपना देख रही हैं।
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