उत्तराखंड में गर्मी से मिल सकती है राहत, 25 जून तक मानसून पहुंचने की संभावना

मौसम में बदलाव के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में किन क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत हो सकती है और इसका असर यात्रियों व स्थानीय लोगों पर कैसे पड़ सकता है, पूरी जानकारी खबर में पढ़ें।
बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी के बीच सावधानी से गुजरते वाहन और सक्रिय मानसूनी मौसम का दृश्य।

देहरादून, 22 जून। उत्तराखंड में गर्मी और उमस से परेशान लोगों को आने वाले दिनों में कुछ राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने 25 जून तक उत्तराखंड में मानसून के पहुंचने की संभावना जताई है, हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा मौसम विभाग की ओर से मानसून के सक्रिय होने के बाद ही की जाएगी।

मौसम विभाग के अनुसार अगले एक-दो दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे दिन के समय पड़ रही गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

पूर्वानुमान के आधार पर उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, देहरादून, टिहरी, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और झोंकेदार हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।

हालांकि मैदानी जिलों में मौसम का असर एक जैसा नहीं रहेगा। हरिद्वार और उधम सिंह नगर में अगले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। ऐसे में इन क्षेत्रों में गर्मी और उमस का असर अभी बना रह सकता है।

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मौसम विभाग ने 22 से 25 जून के बीच कई जिलों के लिए गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

प्रदेश में मानसून सामान्य तौर पर जून के तीसरे सप्ताह के आसपास सक्रिय होता है। इस बार इसके आगमन को लेकर लोगों की नजर मौसम विभाग के अपडेट पर टिकी है। मानसून के पहुंचने के बाद बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने जैसी स्थितियों को देखते हुए सतर्कता भी जरूरी रहेगी।

मौसम विभाग ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि पहाड़ी मार्गों पर सफर करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें। चारधाम और अन्य पर्वतीय मार्गों पर यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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