उत्तराखंड में PM आवास योजना की निर्माणाधीन परियोजनाएं 15 अगस्त 2026 से पहले पूरी करने के निर्देश

सरकारी समीक्षा बैठकों में लिए गए फैसले अक्सर आगे की कार्यप्रणाली तय करते हैं। इस बार भी एक ऐसी समयसीमा तय की गई है, जो कई लंबित परियोजनाओं की दिशा बदल सकती है। क्या है पूरा मामला?
Officials reviewing the progress of PM Awas Yojana Urban housing projects during a meeting in Dehradun, Uttarakhand.

देहरादून, 14 जुलाई। उत्तराखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत चल रही आवासीय परियोजनाओं की प्रगति को लेकर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई।

बैठक में विभिन्न जिलों में AHP यानी Affordable Housing in Partnership श्रेणी में बन रही आवासीय परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान कार्यदायी संस्थाओं और विकासकों के निर्माण कार्यों की प्रगति देखी गई।

समीक्षा में कुछ परियोजनाओं की रफ्तार धीमी मिलने पर आवास सचिव ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल है। इसके क्रियान्वयन में लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

आवास सचिव ने कहा कि पात्र लाभार्थियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। कई परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं, इसलिए शेष कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि लाभार्थियों को जल्द से जल्द आवासों का कब्जा दिया जा सके।

बैठक में सभी विकासकों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए गए कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत चल रही परियोजनाओं का निर्माण कार्य 15 अगस्त 2026 से पहले पूरा किया जाए। सचिव ने चेतावनी दी कि तय समयसीमा में काम पूरा नहीं होने पर संबंधित विकासकों के खिलाफ अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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धौलास आवासीय परियोजना को लेकर भी बैठक में अलग से निर्देश दिए गए। आवास सचिव ने MDDA अधिकारियों से कहा कि परियोजना के तहत आवंटन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी की जाएं। इसका उद्देश्य लाभार्थियों को आवास मिलने की प्रक्रिया में हो रही देरी को कम करना है।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों के अपने घर के सपने से जुड़ी योजना है। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निगरानी और स्थलीय निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश भी दिए, ताकि परियोजनाओं में आगे देरी न हो।

बैठक में संयुक्त मुख्य प्रशासक दिनेश प्रताप सिंह, उप सचिव आवास धीरेंद्र रावत, अधिशासी अभियंता विनोद कुमार चौहान, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, सहायक अभियंता आकांक्षा चौहान, आवास विशेषज्ञ रोहित रंजन सहित विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े विकासक और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

फिलहाल शासन ने साफ किया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की परियोजनाओं पर नियमित निगरानी रखी जाएगी। तय समयसीमा में काम पूरा नहीं करने वाली एजेंसियों पर अनुबंध के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

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