उत्तराखंड में ड्यूटी के दौरान घायल या बीमार PRD जवानों को उपचार अवधि में मिलेगा मानदेय, SOP जारी

जो स्वयंसेवक जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में सेवाएं देते हैं, उनके लिए बीमारी या चोट केवल स्वास्थ्य का नहीं बल्कि आय का भी सवाल बन जाती है। नई व्यवस्था ऐसे मामलों में आर्थिक सुरक्षा को किस तरह प्रभावित करेगी और इसका लाभ किन परिस्थितियों में मिलेगा, समझिए...
Indian currency notes alongside Uttarakhand minister Rekha Arya during the announcement of the new SOP for PRD volunteers' honorarium during treatment.

देहरादून, 14 जुलाई। उत्तराखंड में प्रांतीय रक्षक दल यानी PRD स्वयंसेवकों के लिए राहत भरा फैसला लिया गया है। अब ड्यूटी या प्रशिक्षण के दौरान बीमार या घायल होकर अस्पताल में भर्ती होने वाले पात्र PRD जवानों को उपचार अवधि में भी मानदेय मिलेगा। शासन ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP जारी कर दी है।

नई व्यवस्था के तहत अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि को ऑन ड्यूटी माना जाएगा। पात्र स्वयंसेवकों को अधिकतम 180 दिन तक मानदेय देने का प्रावधान किया गया है। इसका मतलब है कि ड्यूटी या प्रशिक्षण से जुड़े मामलों में अस्पताल में भर्ती होने पर उनका मानदेय तुरंत प्रभावित नहीं होगा।

युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल मंत्री रेखा आर्या के अनुसार, यह व्यवस्था मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप की गई है। उन्होंने कहा कि PRD स्वयंसेवक अलग-अलग विभागों में कठिन परिस्थितियों में सेवाएं देते हैं। ऐसे में बीमारी या चोट के कारण अस्पताल में भर्ती होने पर मानदेय रुकना उनके लिए आर्थिक परेशानी बनता था।

राज्य में करीब दस हजार PRD जवान सेवाएं दे रहे हैं। ये स्वयंसेवक पुलिस, प्रशासन, यातायात, आपदा प्रबंधन, सरकारी कार्यक्रमों और अलग-अलग विभागीय कार्यों में सहयोग करते हैं। कई बार ड्यूटी के दौरान जोखिमपूर्ण परिस्थितियों का सामना भी करना पड़ता है।

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नई SOP का उद्देश्य पूरे प्रदेश में इस व्यवस्था को पारदर्शी और एक समान तरीके से लागू करना है। लाभ केवल पात्र मामलों में और तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलेगा। इससे यह स्पष्ट रहेगा कि किन परिस्थितियों में अस्पताल में भर्ती अवधि को मानदेय के लिए मान्य माना जाएगा और भुगतान किस प्रक्रिया से होगा।

इस फैसले से उन PRD जवानों को राहत मिलेगी, जिन्हें ड्यूटी या प्रशिक्षण के दौरान बीमारी या चोट के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। ऐसे मामलों में उपचार के साथ आय रुकने की चिंता भी परिवार पर दबाव बढ़ाती थी। अब निर्धारित शर्तें पूरी होने पर उन्हें उपचार अवधि में भी मानदेय मिलता रहेगा।

सरकार का कहना है कि यह कदम PRD स्वयंसेवकों की आर्थिक सुरक्षा और मनोबल बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। हालांकि यह लाभ हर बीमारी या हर अस्पताल भर्ती पर अपने आप लागू नहीं होगा। इसके लिए ड्यूटी या प्रशिक्षण से जुड़ी स्थिति और SOP की शर्तों का पालन जरूरी होगा।

फिलहाल SOP जारी होने के साथ व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विभागीय स्तर पर पात्र मामलों की जांच, अस्पताल में भर्ती अवधि की पुष्टि और मानदेय भुगतान की कार्रवाई इसी SOP के आधार पर की जाएगी।

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