देहरादून: उत्तराखंड में आज मानसून का असर तेज रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, टिहरी और हरिद्वार जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों के कुछ स्थानों पर भारी हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के बाकी जिलों में भी कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। प्रदेश के सभी जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और कुछ जगह कम समय में बहुत अधिक बारिश होने की चेतावनी भी दी गई है।
लगातार और अत्यधिक बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कों के अवरुद्ध होने का खतरा बढ़ सकता है। कुछ स्थानों पर सड़क, राजमार्ग और पुल प्रभावित हो सकते हैं। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने, निचले क्षेत्रों में जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण बिजली, पानी, दूरसंचार और परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। उड़ान, हेलीकॉप्टर और रेलवे संचालन पर भी असर पड़ने की संभावना है। सरकारी और निजी संस्थान, अस्पताल, तीर्थस्थल और पर्यटन स्थल भी प्रभावित हो सकते हैं।
चारधाम यात्रा और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को फिलहाल अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। यात्रियों से मौसम और सड़क की ताजा जानकारी लेने के बाद ही आगे बढ़ने को कहा गया है।
मौसम विभाग ने जिला प्रशासन को हालात के अनुसार आवश्यक सुरक्षा कदम उठाने और जरूरत पड़ने पर स्कूल बंद रखने पर निर्णय लेने की सलाह दी है। स्कूल बंद करने का अंतिम फैसला संबंधित जिला प्रशासन की ओर से स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर लिया जाएगा।
अगले 24 घंटों के दौरान देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ जलग्रहण और निचले क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का मध्यम खतरा जताया गया है।
21 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ में भी भारी बारिश का अनुमान है।
मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित ढलानों से दूर रहने की अपील की है। आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों। निचले क्षेत्रों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
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