ऋषिकेश में 30 जून के बाद बंद होगी रिवर राफ्टिंग, मानसून सीजन में सुरक्षा के चलते रोक

रिवर राफ्टिंग सीजन समाप्त होने के साथ ऋषिकेश में मानसून के दौरान सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं लागू होने जा रही हैं। पर्यटकों और एडवेंचर गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है, जानिए।
मानसून से पहले ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग गतिविधि

ऋषिकेश। मानसून सीजन को देखते हुए ऋषिकेश में गंगा रिवर राफ्टिंग का संचालन 30 जून के बाद बंद कर दिया जाएगा। बरसात के दौरान गंगा का जलस्तर और बहाव बढ़ने के कारण पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर साल राफ्टिंग गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है।

ऋषिकेश में शिवपुरी, ब्रह्मपुरी, मरीन ड्राइव, ब्यासी और कौड़ियाला जैसे राफ्टिंग रूट पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। गर्मियों में बड़ी संख्या में पर्यटक राफ्टिंग के लिए पहुंचते हैं, लेकिन मानसून नजदीक आते ही गंगा में पानी का बहाव तेज होने लगता है। इससे राफ्टिंग के दौरान जोखिम बढ़ सकता है।

राफ्टिंग बंद होने की तारीख नजदीक आने के साथ पर्यटकों की संख्या में भी कमी देखी जा रही है। आमतौर पर जून के अंत तक राफ्टिंग सीजन चलता है। इसके बाद जुलाई और अगस्त में मानसून के कारण संचालन बंद रहता है।

मानसून के दौरान नदी में जलस्तर अचानक बढ़ने, तेज धारा, बहकर आई मिट्टी और रैपिड्स की स्थिति बदलने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में प्रशासन और संबंधित विभाग सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राफ्टिंग संचालन रोकते हैं।

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अब राफ्टिंग गतिविधियां मानसून के बाद ही दोबारा शुरू होंगी। दोबारा संचालन की अनुमति नदी के जलस्तर, मौसम की स्थिति और सुरक्षा निरीक्षण के बाद दी जाती है।

ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग स्थानीय पर्यटन, होटल, कैंपिंग, परिवहन और गाइड सेवाओं से भी जुड़ी हुई है। इसलिए राफ्टिंग बंद होने का असर पर्यटन कारोबार पर भी पड़ता है, लेकिन पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए मानसून सीजन में यह रोक जरूरी मानी जाती है।

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