कर्णप्रयाग/चमोली, 27 जून। कर्णप्रयाग मारपीट मामले में जेल में बंद चारों निहंगों को अदालत से राहत मिल गई है। गोपेश्वर जिला न्यायालय में जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिंध्याचल सिंह की अदालत ने शनिवार को चारों आरोपितों की जमानत मंजूर कर दी।
जमानत मिलने के बाद अब आगे की प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के तहत पूरी होगी। हालांकि, अदालत से राहत मिलने के बावजूद मामला समाप्त नहीं हुआ है। इस प्रकरण की सुनवाई न्यायालय में जारी रहेगी और आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।
यह मामला 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हुए विवाद से जुड़ा है। उस दिन निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने आरोपों के आधार पर निहंगों के खिलाफ जान से मारने का प्रयास करने की धारा में प्राथमिकी दर्ज की थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर कई तरह की विवादित पोस्ट वायरल हुई थीं।
कर्णप्रयाग प्रकरण के बाद बने तनावपूर्ण माहौल के बीच शुक्रवार को उत्तराखंड प्रशासन और निहंग सिख समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई थी। बैठक में दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर सहमति जताई थी।
निहंग प्रतिनिधियों ने प्रशासन के सामने मुकदमा वापस लेने, निहंग सिखों से मुलाकात और गिरफ्तार चार निहंगों की रिहाई समेत चार मांगें रखी थीं। प्रशासन ने इन मांगों पर उचित कार्रवाई के लिए दो दिन का समय मांगा था। इसके बाद हालात सामान्य होने की बात कही गई थी।
निहंग प्रतिनिधियों ने यह भी कहा था कि कर्णप्रयाग की घटना में दोनों पक्षों से गलती हुई है और मामले का समाधान आपसी समझौते से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कानून व्यवस्था खराब नहीं करने और भाईचारे का संदेश देने की बात कही थी।
फिलहाल चारों निहंगों को जमानत मिलने के बाद इस मामले में एक अहम कानूनी कदम पूरा हुआ है। अब आगे की स्थिति न्यायालय की सुनवाई और प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
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