उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है मानसून, कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
देहरादून। उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने अगले दो से तीन दिनों के दौरान मानसून के प्रदेश के कुछ भागों में पहुंचने की संभावना जताई है। इसके साथ ही राज्य के कई जिलों में बारिश, आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के 28 जून को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, आज पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बारिश हो सकती है। राज्य के बाकी पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है।
29 जून को बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। अन्य पर्वतीय जिलों और ऊधम सिंह नगर में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि हरिद्वार में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश के आसार हैं।
30 जून से प्रदेश में बारिश का दायरा बढ़ सकता है। 30 जून और 1 जुलाई को उत्तराखंड के जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 2 और 3 जुलाई को अधिकांश स्थानों पर बारिश हो सकती है। 4 जुलाई को भी कई जगह हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।
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मौसम विभाग ने 28 और 29 जून को पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी है।
30 जून को पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। 1 जुलाई को नैनीताल, चंपावत, देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश हो सकती है। 2 जुलाई को नैनीताल, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश के आसार हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, भारी बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में कहीं-कहीं सड़क मार्ग अवरुद्ध होने, नालों और छोटी नदियों के जलस्तर बढ़ने तथा निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
लोगों को यात्रा के दौरान सावधानी बरतने, आकाशीय बिजली के समय पेड़ों के नीचे शरण न लेने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने खेतों में कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने और पशुओं को खुले में न बांधने की भी सलाह दी है।
तापमान को लेकर मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तराखंड में अगले दो से तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।
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