देहरादून, 14 जुलाई। देहरादून में इलेक्ट्रिक बसें अब निर्धारित मार्ग से बाहर नहीं चलाई जाएंगी। उत्तराखंड हाईकोर्ट की सख्ती के बाद परिवहन विभाग ने स्वीकृत रूट से आगे विकासनगर की ओर चल रही इलेक्ट्रिक बसों का संचालन रोक दिया है।
अब ये बसें सुद्धोवाला, प्रेमनगर, घंटाघर और रायपुर वाले निर्धारित मार्ग पर ही संचालित होंगी। विभाग की कार्रवाई के बाद इलेक्ट्रिक बसों को उसी मार्ग तक सीमित किया गया है, जिसके लिए उन्हें अनुमति मिली हुई है।
मामला इलेक्ट्रिक बसों को स्वीकृत मार्ग से आगे विकासनगर की ओर चलाए जाने से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए निर्धारित मार्ग और वास्तविक संचालन की स्थिति पर सख्ती दिखाई।
इसके बाद परिवहन विभाग ने बसों को तय रूट तक सीमित करने का निर्णय लिया। अब बिना आवश्यक अनुमति के इन बसों का संचालन विकासनगर की ओर नहीं किया जाएगा।
देहरादून में इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत की गई थी। इनका उद्देश्य शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ाना और प्रदूषण कम करने वाले वाहनों को प्रोत्साहित करना था।
सुद्धोवाला, प्रेमनगर, घंटाघर और रायपुर को जोड़ने वाला मार्ग इलेक्ट्रिक बसों के स्वीकृत संचालन क्षेत्र में शामिल बताया गया है। अब बसों को इसी मार्ग पर चलाने के निर्देश के बाद विकासनगर की ओर जाने वाले यात्रियों को इलेक्ट्रिक बस सेवा उपलब्ध नहीं होगी।
हालांकि विकासनगर की ओर कितनी बसें चल रही थीं और रोजाना कितने यात्री इस सेवा का इस्तेमाल कर रहे थे, इसका आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। ऐसे में इस फैसले से प्रभावित यात्रियों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।
मामले ने यह सवाल भी उठाया है कि स्वीकृत रूट से बाहर बसों का संचालन कब और किस स्तर पर शुरू हुआ। फिलहाल विभाग की ओर से इस संबंध में विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।
अब इलेक्ट्रिक बसों का संचालन तय रूट के अनुसार ही किया जाएगा। विकासनगर की ओर सेवा दोबारा शुरू करने के लिए अलग अनुमति या नई परिवहन व्यवस्था की जरूरत पड़ सकती है, लेकिन इस बारे में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
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