बदरीनाथ धाम दान गड़बड़ी मामले में SIT की जांच तेज, कैश रजिस्टर और CCTV फुटेज खंगाले

जांच अब केवल आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि रिकॉर्ड, दस्तावेजों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के मिलान पर केंद्रित हो गई है। कैश रजिस्टर, CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों से जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है और आगे क्या कार्रवाई हो सकती है, पूरी रिपोर्ट पढ़िए।
SIT officials inspect records and review CCTV footage during the investigation into the Badrinath Dham donation irregularity case.

बदरीनाथ, 14 जुलाई। बदरीनाथ धाम में दान और चढ़ावे से जुड़े कथित गड़बड़ी मामले में विशेष जांच दल यानी SIT ने जांच तेज कर दी है। टीम ने मंदिर के दान गणना क्षेत्र में पहुंचकर कैश रजिस्टर की जांच की। इसके साथ ही मंदिर के कंट्रोल रूम में रिकॉर्डिंग भी देखी गई।

मामला बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए गए दान और चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित अनियमितता से जुड़ा है। आरोप है कि दान गणना की निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ। इसी आधार पर पहले मंदिर समिति स्तर पर जांच शुरू हुई और बाद में पुलिस जांच आगे बढ़ी।

SIT अब कैश रजिस्टर, वीडियो फुटेज और अन्य दस्तावेजों को जांच में शामिल कर रही है। टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि दान गणना के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे, किस समय क्या गतिविधि हुई और उपलब्ध रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी जांच से जुड़े दूसरे तथ्यों से किस हद तक मेल खाती है।

मंदिर के कंट्रोल रूम से मिली रिकॉर्डिंग को इस मामले में अहम माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार, निगरानी कैमरों में संदिग्ध गतिविधियां दिखने के बाद जांच आगे बढ़ी थी। अब SIT अलग-अलग समय की रिकॉर्डिंग और दान गणना क्षेत्र की गतिविधियों को विस्तार से देख रही है।

इस मामले में BKTC के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। बाद में SIT ने आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, मामले में फुटेज, दस्तावेज और गवाहों के बयान जांच का हिस्सा बनाए गए हैं। हालांकि आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

जांच के दौरान SIT शिकायतकर्ता और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है। मंदिर समिति के कर्मचारियों, दान गणना प्रक्रिया से जुड़े लोगों और निगरानी व्यवस्था से संबंधित व्यक्तियों से भी जानकारी ली जा सकती है। इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कथित गड़बड़ी कैसे हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।

मंदिर समिति की ओर से पहले यह कहा जा चुका है कि किसी एक व्यक्ति की कथित चूक को पूरी समिति की व्यवस्था से जोड़ना उचित नहीं होगा। समिति का कहना है कि दान और चढ़ावे से जुड़ी निर्धारित प्रक्रियाएं हैं। वहीं, SIT इन प्रक्रियाओं के पालन और संभावित उल्लंघन दोनों पहलुओं को जांच में देख रही है।

फिलहाल मामला जांच के अधीन है। SIT के साथ-साथ मंदिर समिति की आंतरिक जांच और राज्य सरकार की उच्चस्तरीय समिति भी प्रकरण को देख रही है। कैश रजिस्टर, वीडियो रिकॉर्डिंग, दस्तावेज और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

धार्मिक स्थल से जुड़े दान प्रबंधन का मामला होने के कारण यह प्रकरण संवेदनशील माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि कथित गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार पाया जाता है।

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