देहरादून, 23 जुलाई। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के SIR के दौरान करीब 61 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। इन मतदाताओं के वर्तमान विवरण का पुराने चुनावी रिकॉर्ड से सत्यापन किया जाएगा।
निर्वाचन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में करीब 44 हजार मतदाताओं के रिकॉर्ड में मिलान संबंधी विसंगतियां सामने आई हैं। वहीं लगभग 17 हजार मतदाताओं का नाम या पारिवारिक संबंध साल 2003 की मतदाता सूची से स्थापित नहीं हो पाया है।
निर्वाचन विभाग की ओर से ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद संबंधित मतदाता के वर्तमान विवरण और पुराने चुनावी रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा।
सत्यापन के दौरान मतदाताओं की ओर से दिए गए दस्तावेजों की जांच उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के आधार पर की जाएगी। जहां विवरण स्पष्ट नहीं होगा, वहां संबंधित मतदाता से अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
यह प्रक्रिया मतदाता सूची में दर्ज जानकारी को सही और अद्यतन रखने के उद्देश्य से की जा रही है। निर्वाचन विभाग रिकॉर्ड में मिली विसंगतियों को दूर करने के बाद ही संबंधित मतदाता के मामले में अंतिम निर्णय लेगा।
नोटिस मिलने मात्र से मतदाता का नाम सूची से हटाने का अंतिम निर्णय नहीं होता। संबंधित मतदाता को अपने दस्तावेज जमा करने और अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। रिकॉर्ड की जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी आगे का निर्णय लेंगे।
मतदाताओं को सलाह दी गई है कि नोटिस मिलने पर निर्धारित समय के भीतर जवाब दें और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं। इसके लिए वे अपने बूथ लेवल अधिकारी या संबंधित निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत पुराने और वर्तमान चुनावी रिकॉर्ड का मिलान किया जा रहा है। डोईवाला में सामने आया 61 हजार मतदाताओं का आंकड़ा केवल इसी विधानसभा क्षेत्र से संबंधित है, पूरे उत्तराखंड से नहीं।
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