More From Rajesh Negi

Felled trees and local residents protesting against the proposed tree felling for the Rishikesh Bypass Project in the Shivalik Elephant Reserve near Rishikesh.

ऋषिकेश बाइपास परियोजना के लिए पेड़ों के प्रस्तावित कटान का विरोध तेज, शिवालिक हाथी रिजर्व में विरोध कर रहे स्थानीय लोग

ऋषिकेश बाइपास परियोजना के लिए प्रस्तावित पेड़ कटान को लेकर स्थानीय स्तर पर पर्यावरणीय चिंताएं बढ़ रही हैं। लोगों का कहना है कि सड़क विकास के साथ वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और वन क्षेत्र की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। करीब 3,995 पेड़ों के प्रस्तावित कटान को लेकर उठ रहे सवाल इस परियोजना के व्यापक पर्यावरणीय प्रभावों को समझने की जरूरत की ओर इशारा करते हैं।

A collapsed stone boundary wall inside the Narayanbagar Government Hospital campus in Chamoli after structural failure.

चमोली के नारायणबगड़ अस्पताल में क्षतिग्रस्त दीवार गिरी, मलबे में दबे चिकित्सा प्रभारी की हायर सेंटर ले जाते समय मौत

यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि क्षतिग्रस्त सरकारी भवनों की सुरक्षा और समय पर मरम्मत से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े करता है। अस्पताल परिसर में पहले से कमजोर हो चुकी दीवार कैसे जानलेवा साबित हुई और अब जांच किस दिशा में बढ़ेगी, यही इस घटना का महत्वपूर्ण पक्ष है।

A collapsed retaining wall at an under-construction section of the Meerut-Kotdwar National Highway following heavy rainfall.

मेरठ-कोटद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माणाधीन हिस्से में बारिश के बीच दीवार ढही, सुरक्षा इंतजामों को लेकर उठे सवाल

निर्माणाधीन राजमार्ग पर दीवार का ढहना केवल एक स्थानीय घटना नहीं है। मानसून के दौरान अधूरी संरचनाओं, जल निकासी और सुरक्षा मानकों को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर इस घटना को लेकर अब तक क्या जानकारी सामने आई है और तकनीकी जांच से क्या स्पष्ट होगा? क्या है पूरा मामला?

SDRF rescue personnel wearing safety helmets during a night rescue operation in a forested area of Uttarakhand.

मसूरी से लौटते समय शिव मंदिर के पास खाई में गिरा युवक, SDRF और पुलिस ने देर रात चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

देर रात और दुर्गम खाई में चलाया गया यह बचाव अभियान दिखाता है कि पर्वतीय मार्गों पर छोटी सी चूक भी गंभीर हादसे में बदल सकती है। समय पर मिली सूचना, पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त कार्रवाई तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हुए रेस्क्यू ने युवक की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। आखिर अभियान कैसे पूरा हुआ और मौके पर किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, आगे पढ़िए।

Heavy rainfall causes waterlogging and slow-moving traffic at a road intersection in Dehradun.

उत्तराखंड में मानसून सक्रिय, 17 जुलाई तक बारिश का पूर्वानुमान; 10 जिलों के कुछ क्षेत्रों में Flash flood का खतरा

अगले कुछ दिनों तक जारी रहने वाला यह मौसम केवल सामान्य बारिश का संकेत नहीं है। लगातार भीगी हुई मिट्टी, उफनाते नदी-नाले और संवेदनशील पहाड़ी मार्ग यात्रा, दैनिक आवागमन और नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए जोखिम बढ़ा सकते हैं। किन क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत है और मौसम विभाग ने क्या एहतियात सुझाए हैं, आगे विस्तार से समझिए।

Compressed bales of collected plastic waste stored at a material recovery facility under the Digital Deposit Refund System in Uttarakhand.

केदारनाथ में Digital Deposit Refund System का असर, चार वर्षों में 49 हजार किलो से अधिक प्लास्टिक एकत्र

यात्रा मार्गों पर छोड़ा जाने वाला प्लास्टिक केवल सफाई का नहीं, बल्कि हिमालयी पर्यावरण, नदियों और तीर्थ क्षेत्रों की संवेदनशीलता से जुड़ा मुद्दा है। चार वर्षों के ये आंकड़े बताते हैं कि वापसी आधारित यह व्यवस्था यात्रियों की भागीदारी और कचरा प्रबंधन मॉडल को किस तरह बदल रही है, और इसका असर केवल केदारनाथ तक सीमित नहीं है।

A group of tourists wearing life jackets and helmets during a guided river rafting expedition on the Ganga River in Rishikesh, Uttarakhand.

उत्तराखंड में रिवर राफ्टिंग के नियम सख्त, बिना परमिट संचालन पर राफ्ट जब्त होगी; एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान

राज्य सरकार के नए प्रावधान केवल अवैध राफ्टिंग पर कार्रवाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा, प्रशिक्षित गाइडों की जवाबदेही और साहसिक पर्यटन के मानकों को भी सीधे प्रभावित करेंगे। नए नियम किन संचालकों, गाइडों और राफ्टिंग गतिविधियों पर लागू होंगे, यही इस बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है।

Kanwariyas carrying decorated Kanwars while walking along a roadside route during the Haridwar Kanwar Yatra.

हरिद्वार कांवड़ यात्रा में हथियार, जुगाड़ वाहन और मॉडिफाइड साइलेंसर पर रोक, पहचान पत्र साथ रखने की अपील

30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान जारी ये निर्देश केवल सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही, दुर्घटनाओं की रोकथाम और कानून-व्यवस्था बनाए रखने से भी जुड़े हैं। यात्रा पर निकलने से पहले किन नियमों का पालन जरूरी है और किन प्रतिबंधों की अनदेखी परेशानी बढ़ा सकती है, यही इस एडवाइजरी का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है।

A damaged stretch of road with severe edge erosion in Narayanbagad, Chamoli, after heavy monsoon rainfall, with the Alaknanda River flowing alongside.

नारायणबगड़ में सड़क क्षतिग्रस्त होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित, चमोली पुलिस ने यात्रियों को किया सतर्क

नारायणबगड़ में सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए अतिरिक्त सतर्कता जरूरी हो गई है। लगातार बारिश के बीच सड़क की वास्तविक स्थिति, यात्रा पर इसका असर और प्रशासन की ओर से जारी सलाह को समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। क्या है पूरा मामला?

Aastha Bisht in Indian Army uniform during her commissioning ceremony after completing MBBS from AFMC Pune.

उत्तराखंड की आस्था बिष्ट बनीं सेना में लेफ्टिनेंट, AFMC पुणे से MBBS के बाद मिली जिम्मेदारी

यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो मेडिकल शिक्षा के साथ रक्षा सेवाओं में करियर बनाना चाहते हैं। AFMC का सफर अकादमिक उत्कृष्टता, सैन्य अनुशासन और सेवा भावना का संगम है, जहां पहुंचने और कमीशन हासिल करने तक हर चरण कठिन चयन और निरंतर तैयारी से गुजरता है।