More From Rajesh Negi

Colour-corrected screengrab showing felled trees and local residents at a forest clearance site in Uttarakhand associated with a development project.

उत्तराखंड में 25 वर्षों में विकास परियोजनाओं के लिए 46 हजार हेक्टेयर से अधिक वन भूमि हस्तांतरित

यह आंकड़ा जंगल कटने का नहीं, बल्कि विकास परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरित किए जाने का है। जानिए, किन जिलों में सबसे अधिक वन भूमि डायवर्ट हुई, कुल आंकड़ों में अंतर क्यों दिख रहा है और इस डेटा को समझते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

A hand interacting with a glowing artificial intelligence interface surrounded by digital neural network connections on a dark technology background.

जिनेवा के वैश्विक मंच पर पहुंचा उत्तराखंड का AI शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल, शीर्ष छह परियोजनाओं में चयन का दावा

देहरादून, 10 जुलाई। उत्तराखंड के राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद यानी SCERT के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का दावा किया गया है। राज्य के शिक्षा विभाग के अनुसार, इस परियोजना को जिनेवा में आयोजित AI for Good Global Summit 2026 के

Front view of Badrinath Temple in Chamoli district, Uttarakhand.

बदरीनाथ धाम दान गड़बड़ी मामले में BKTC का पक्ष, वित्त नियंत्रक बोले- एक व्यक्ति की चूक को पूरी समिति से जोड़ना अनुचित

बदरीनाथ धाम में दान प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच BKTC ने अपनी संस्थागत प्रक्रिया और जवाबदेही का पक्ष रखा है। समिति का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।

Official Dehradun district administration order announcing school closure alongside a rain-soaked government school campus closed due to the Red Alert.

रेड अलर्ट के बाद देहरादून में 10 जुलाई को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद, डीएम ने जारी किया आदेश

रेड अलर्ट के बीच लिया गया यह फैसला केवल एक दिन की छुट्टी नहीं, बल्कि एहतियाती सुरक्षा उपाय का हिस्सा है। जानिए, आदेश किन संस्थानों पर लागू होगा, प्रशासन ने यह निर्णय क्यों लिया और लोगों के लिए कौन-कौन सी जरूरी सलाह जारी की गई है।

Devotees entering the main entrance of Badrinath Dham in Chamoli district during the Char Dham Yatra.

बदरीनाथ धाम में 1100 रुपये VIP दर्शन शुल्क पर विवाद, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ने मंजूरी पर उठाए सवाल

विवाद केवल 1100 रुपये की शुल्क व्यवस्था तक सीमित नहीं है। जानिए, समिति की मंजूरी, धनराशि के रिकॉर्ड और मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता को लेकर कौन-कौन से सवाल उठ रहे हैं और आगे क्या हो सकता है।

Fresh rockfall covering the national highway near Nagun on the Tehri–Uttarkashi border during heavy monsoon conditions.

टिहरी-उत्तरकाशी सीमा पर नगुण के पास राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध, लगातार पत्थर गिरने से मार्ग खोलने का काम रुका

मार्ग बंद होने की वजह केवल मलबा नहीं, बल्कि पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थर हैं, जिससे बहाली कार्य भी शुरू नहीं हो पा रहा है। जानिए, नगुण के पास हालात क्यों बने हुए हैं, किन लोगों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है और प्रशासन ने यात्रियों को क्या सलाह दी है।

Fresh landslide debris covers a section of the Badrinath Highway near Bhanerpani in Chamoli as people inspect the affected road.

भनेरपानी के पास मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे पर यातायात प्रभावित, वाहनों की आवाजाही रोकी गई

भनेरपानी के संवेदनशील हिस्से में पहाड़ी से मलबा और बोल्डर आने के बाद एहतियातन यातायात रोका गया है। प्रशासन के अगले अपडेट के बाद ही मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बहाल होने की स्थिति स्पष्ट होगी।

Vehicles moving cautiously on a rain-soaked mountain highway amid heavy rainfall, lightning and low visibility in Uttarakhand.

मौसम विभाग ने उत्तराखंड में जारी किया ऑरेंज अलर्ट, देहरादून-नैनीताल समेत सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

भारी बारिश का यह अलर्ट केवल मौसम का पूर्वानुमान नहीं है। जानिए, किन जिलों में सबसे अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, यात्रा और पर्वतीय मार्गों पर इसका क्या असर पड़ सकता है और अगले कुछ दिनों में किन परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होगा।

Heavy machinery clearing landslide debris from the Yamunotri National Highway near Syanachatti during monsoon in Uttarkashi.

स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन से यमुनोत्री हाईवे हुआ अवरुद्ध, एनएच बड़कोट की टीम ने बहाली के बाद यातायात सुचारु किया

भूस्खलन के कारण कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ यह मार्ग चारधाम यात्रा और स्थानीय आवाजाही दोनों के लिए अहम है। जानिए, मार्ग कितनी देर प्रभावित रहा, बहाली कैसे हुई और मानसून के दौरान इस रूट पर सफर करते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

Schoolchildren and a guardian crossing the Ramganga River in a manually operated trolley after the bridge was washed away in Bageshwar.

2018 की बाढ़ में बहा पुल अब तक नहीं बना, बागेश्वर के बच्चे ट्रॉली से रामगंगा पार कर पहुंच रहे स्कूल

पुल न होने की वजह से यह सिर्फ स्कूल जाने का रास्ता नहीं, बल्कि सीमावर्ती गांवों के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। जानिए, मानसून में ट्रॉली पर निर्भर यह सफर क्यों बच्चों और स्थानीय परिवारों के लिए सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है।