More From Rajesh Negi

Uttarakhand Roadways bus and other vehicles travel cautiously on a rain-soaked mountain road amid low clouds and reduced visibility during the monsoon.

उत्तराखंड में 5 अगस्त तक जारी रहेगी बारिश, इन जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

उत्तराखंड में पांच अगस्त तक मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कई जिलों में बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और फ्लैश फ्लड का खतरा जताते हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। आगे पढ़िए…

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के निर्माण स्थल का हवाई दृश्य

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में 101 किलोमीटर मुख्य सुरंगों का काम पूरा

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में 104 किलोमीटर प्रस्तावित मुख्य सुरंगों में से 101 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो गया है। रेल मंत्री ने लोकसभा में परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए सुरंगों, एस्केप टनल और पुलों पर चल रहे कार्यों का अपडेट दिया। आगे पढ़िए…

An Indian Railways passenger train running on an electrified railway line through a green landscape.

देहरादून से कोटा जाने वाली नंदा देवी एक्सप्रेस को मुंबई तक बढ़ाने का प्रस्ताव, रेलवे करेगा परीक्षण

देहरादून-कोटा नंदा देवी एक्सप्रेस को मुंबई तक बढ़ाने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय के पास पहुंच गया है। रेलवे अब इसके रूट, परिचालन और तकनीकी पहलुओं का परीक्षण करेगा। अंतिम मंजूरी के बाद ही ट्रेन विस्तार पर फैसला होगा। आगे पढ़िए…

Composite image showing Indian athlete Gulveer Singh celebrating with the national flag, the medal ceremony and action from the men's 10,000 metres race at the Commonwealth Games.

Commonwealth Games की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने गुलवीर सिंह

भारतीय लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने Commonwealth Games 2026 की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। आगे पढ़िए…

Composite image showing Bajrang Setu in Rishikesh alongside Indian currency notes representing the proposed entry fee for the Glass Skywalk.

ऋषिकेश के बजरंग सेतु ग्लास स्काईवॉक पर लगेगा प्रवेश शुल्क, जानिए कितना होगा टिकट

ऋषिकेश के बजरंग सेतु ग्लास स्काईवॉक पर जल्द प्रवेश शुल्क लागू किया जाएगा। राज्य सरकार से SOP को मंजूरी मिलने के बाद विभाग टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा। बच्चों और वयस्कों के लिए प्रस्तावित टिकट दरें क्या होंगी, आगे पढ़िए…

Hundreds of Kanwariyas carrying decorated Kanwars walk along a highway in Rishikesh during the Kanwar Yatra.

कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही के चलते नीलकंठ मार्ग के 18 शिक्षण संस्थानों में अवकाश

यह फैसला केवल स्कूलों की छुट्टी तक सीमित नहीं है। इससे अभिभावकों, विद्यार्थियों और रोज़ इस मार्ग का उपयोग करने वाले लोगों को अपनी दिनचर्या और यात्रा की योजना पहले से बनानी होगी। किन संस्थानों पर यह आदेश लागू होगा और अलग-अलग अवधि क्यों तय की गई है, इसकी पूरी जानकारी आगे दी गई है।

A section of the newly reconstructed Nanda Ki Chowki bridge approach road in Dehradun has subsided after heavy rainfall, with traffic halted and vehicles diverted.

देहरादून में 16 करोड़ का नंदा की चौकी पुल 17 दिन में धंसा, यातायात प्रभावित

पुल का बंद होना केवल एक निर्माण परियोजना का मुद्दा नहीं है। इस मार्ग पर रोज़ाना सफर करने वाले लोगों की आवाजाही, वैकल्पिक रास्तों पर बढ़ने वाला दबाव और निर्माण गुणवत्ता से जुड़े सवाल अब सबसे बड़ी चिंता बन सकते हैं। तकनीकी जांच से किन कारणों का खुलासा हो सकता है और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इसकी पूरी जानकारी आगे पढ़ें।

बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी के बीच सावधानी से गुजरते वाहन और सक्रिय मानसूनी मौसम का दृश्य।

उत्तराखंड में 31 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी, 28 को नौ जिलों में ऑरेंज अलर्ट

लगातार बारिश का असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहता। ऐसे हालात में सड़क यात्रा, स्थानीय आवाजाही और पहाड़ी क्षेत्रों की सामान्य दिनचर्या भी प्रभावित हो सकती है। किन इलाकों में जोखिम ज्यादा माना गया है और किन सावधानियों पर सबसे अधिक जोर दिया गया है, आगे पढ़ें।

घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर वितरण केंद्र पर रखे हुए।

देहरादून में नए घरेलू रसोई गैस (LPG) कनेक्शन बंद, 70 एजेंसियों में 1670 आवेदन लंबित

नए घरेलू LPG कनेक्शन नहीं मिलने से सबसे अधिक परेशानी उन परिवारों, किरायेदारों और नए आवेदकों को हो रही है, जिन्हें रोजमर्रा की रसोई व्यवस्था शुरू करने के लिए गैस कनेक्शन की जरूरत है। आवेदन लंबित रहने की वजह अब तक स्पष्ट नहीं होने से अनिश्चितता बढ़ रही है, जबकि विभाग और तेल कंपनियों से स्पष्ट जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

1999 के कारगिल युद्ध के दौरान एक रणनीतिक पहाड़ी चोटी पर तैनात भारतीय सेना के जवान और शीर्ष पर लहराता तिरंगा।

1999 के कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 जवानों ने दिया था बलिदान, 37 को मिले वीरता पुरस्कार

उत्तराखंड के गांवों और सैन्य परिवारों के लिए कारगिल युद्ध केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि आज भी जीवित स्मृतियों का हिस्सा है। 75 जवानों के सर्वोच्च बलिदान और 37 वीरता पुरस्कारों के पीछे ऐसी कई कहानियां हैं, जिन्होंने प्रदेश की सैन्य परंपरा और देशसेवा की पहचान को नई ऊंचाई दी। इन्हीं घटनाओं और वीरों के योगदान को यह लेख विस्तार से सामने लाता है।