बदरीनाथ धाम दान चोरी मामले में निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल देहरादून से गिरफ्तार, SIT(The Special Investigation Team) की पहली कार्रवाई

एसआईटी ने इस मामले में पहली गिरफ्तारी करते हुए निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार किया है। जांच अब कथित अनियमितता, दान प्रबंधन प्रक्रिया और उससे जुड़े रिकॉर्ड की विस्तृत पड़ताल की ओर बढ़ेगी। जानिए अब जांच में आगे क्या होगा।
Uttarakhand Police personnel escort suspended temple committee employee Pramod Nautiyal following his arrest in the Badrinath Dham donation case.

देहरादून, 13 जुलाई। बदरीनाथ धाम में चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़ी कथित अनियमितता के मामले में विशेष जांच दल(The Special Investigation Team) ने निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार किया है। एसआईटी के जांच अधिकारी महादेव उनियाल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच जारी है।

प्रमोद नौटियाल श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से जुड़े कर्मचारी हैं। आरोप सामने आने के बाद मंदिर समिति की प्रारंभिक जांच की गई थी, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

मामला बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। ANI के अनुसार, आरोप 2 जुलाई को चढ़ावे की गिनती के दौरान सामने आए थे। हालांकि, कथित अनियमितता की पूरी प्रकृति और इससे जुड़ी राशि की अंतिम पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस प्रमोद नौटियाल की तलाश कर रही थी। एसआईटी ने उन्हें देहरादून से गिरफ्तार किया। उनकी गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों की पड़ताल आगे बढ़ाएगी।

मंदिर समिति की प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई थी। इसके बाद मामला एसआईटी को सौंपा गया, ताकि कथित गड़बड़ी की विस्तृत जांच की जा सके।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मामले में कितनी नकदी या अन्य चढ़ावा प्रभावित हुआ और क्या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी सामने आएगी। एसआईटी ने कहा है कि जांच जारी है और आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।

बदरीनाथ धाम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु नकदी और अन्य सामग्री चढ़ावे के रूप में अर्पित करते हैं। ऐसे में दान की गिनती, अभिलेखों के रखरखाव और पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर यह मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि निर्धारित व्यवस्था का पालन हुआ या किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई।

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