उत्तराखंड से पहली बार इराक भेजे गए 24 टन फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज, काशीपुर से हुआ निर्यात

राज्य के खाद्य प्रसंस्करण और कृषि निर्यात क्षेत्र के लिए यह एक नई शुरुआत मानी जा रही है। भविष्य में ऐसे निर्यात बढ़ने पर किसानों, प्रसंस्करण इकाइयों और स्थानीय उद्योगों को भी नए अवसर मिल सकते हैं। आगे पढ़िए यह खेप किसने भेजी और एपीडा ने इसमें क्या भूमिका निभाई।
Cropped section of the official APEDA graphic showing frozen French fries representing Uttarakhand's first export shipment to Iraq.

काशीपुर 20 जुलाई। उत्तराखंड से पहली बार फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज का निर्यात किया गया है। ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर से 24 मीट्रिक टन की खेप इराक भेजी गई।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण यानी एपीडा(APEDA) ने इस निर्यात प्रक्रिया में सहयोग किया। खेप का निर्यात विरुन ग्लोबल ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड ने किया।

एपीडा के अनुसार, उसने निर्यातक कंपनी को अंतरराष्ट्रीय बाजार और संभावित खरीदारों तक पहुंच बनाने में सहायता दी। कंपनी ने सियाल, गल्फूड, इंडसफूड और वर्ल्ड फूड इंडिया जैसी व्यापार प्रदर्शनियों में हिस्सा लिया, जहां उसे विदेशी खरीदारों से संपर्क स्थापित करने का अवसर मिला।

निर्यातक कंपनी ने उत्पाद की गुणवत्ता के आधार पर भविष्य में इराक और अन्य देशों से भी ऑर्डर मिलने की उम्मीद जताई है। हालांकि, फिलहाल किसी नए ऑर्डर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत से 7 लाख 26 हजार 874 मीट्रिक टन से अधिक प्रसंस्कृत सब्जियों का निर्यात किया गया। इसकी कुल कीमत 932.25 मिलियन अमेरिकी डॉलर रही।

इसी अवधि में आलू से तैयार मूल्यवर्धित उत्पादों का निर्यात 2 लाख 77 हजार 108 मीट्रिक टन से अधिक रहा, जिसका मूल्य 289.40 मिलियन अमेरिकी डॉलर दर्ज किया गया। प्रसंस्कृत फल और सब्जियों की हिस्सेदारी एपीडा के अधीन आने वाले उत्पादों के कुल निर्यात में करीब 10 प्रतिशत रही।

एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव के अनुसार, उत्तराखंड जैसे समुद्र से दूर राज्यों के लिए परिवहन लागत निर्यात के रास्ते में एक बड़ी चुनौती है। एपीडा राज्य सरकार के साथ उत्तराखंड की कृषि निर्यात नीति तैयार करने और उसे लागू करने पर काम कर रहा है।

प्रस्तावित नीति में परिवहन सहायता जैसे प्रावधानों पर विचार किया जा रहा है, जिससे राज्य के निर्यातकों की लागत कम करने और उन्हें विदेशी बाजारों तक पहुंचने में मदद मिल सके।

काशीपुर से फ्रोजन फ्रेंच फ्राइज की इस खेप के निर्यात से उत्तराखंड में खाद्य प्रसंस्करण और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशने की संभावना बढ़ी है। इसका स्थानीय किसानों, प्रसंस्करण इकाइयों और रोजगार पर वास्तविक प्रभाव भविष्य में मिलने वाले ऑर्डर और उत्पादन विस्तार पर निर्भर करेगा।

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