उत्तराखंड में 20 जुलाई को रेड अलर्ट, देहरादून-टिहरी समेत तीन जिलों में भारी बारिश की आशंका

उत्तराखंड में रेड अलर्ट के तहत 20 जुलाई को देहरादून, टिहरी और हरिद्वार में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने चारधाम यात्रा और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
Vehicles moving on a rain-soaked road during heavy monsoon rainfall in Uttarakhand with reduced visibility.

देहरादून, 19 जुलाई: उत्तराखंड में 23 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने 19 और 20 जुलाई के लिए कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 20 जुलाई को देहरादून, टिहरी और हरिद्वार को रेड अलर्ट श्रेणी में रखा गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, इन तीनों जिलों के कुछ स्थानों पर बहुत तेज बारिश हो सकती है, जबकि कहीं-कहीं भारी बारिश की भी आशंका है। नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, उत्तरकाशी और पौड़ी में भी कई जगह तेज बारिश का अनुमान है।

देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, उत्तरकाशी और पौड़ी में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और कम समय में अत्यधिक बारिश होने की संभावना है। रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में भी कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है।

19 जुलाई को नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में सबसे अधिक खतरा रहने का अनुमान है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और बागेश्वर में भी मौसम खराब रह सकता है। पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और चमोली में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

21 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर में तेज बारिश हो सकती है। टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ में भी मौसम विभाग ने सावधानी बरतने को कहा है। राज्य के अन्य जिलों में गरज, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।

22 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश का असर अधिक रह सकता है। 23 जुलाई को बागेश्वर और पिथौरागढ़ में तेज बारिश का अनुमान है।

लगातार बारिश के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कों के बंद होने का खतरा है। नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव और कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ की स्थिति बन सकती है।

मौसम विभाग ने चारधाम और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सतर्क रहने तथा खराब मौसम में गैरजरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। नदी-नालों, निचले इलाकों और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है।

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