मसूरी के बैरियरों पर लागू होगी फास्टैग व्यवस्था, शुल्क भुगतान की प्रक्रिया होगी डिजिटल

पर्यटन सीजन के दौरान मसूरी के प्रवेश मार्गों पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करने के लिए डिजिटल व्यवस्था की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। नई प्रणाली लागू होने के बाद पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए आवागमन में क्या बदलाव आ सकते हैं, पूरी जानकारी खबर में पढ़ें।
Official FASTag logo representing India's digital toll and fee collection system.

मसूरी, 25 जून। मसूरी आने वाले पर्यटकों को बैरियरों पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत देने के लिए नगर पालिका परिषद FASTag आधारित शुल्क व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। इस व्यवस्था के तहत कोल्हूखेत, लाइब्रेरी और पिक्चर पैलेस बैरियर पर पर्यटक/प्रवेश शुल्क की वसूली डिजिटल माध्यम से की जा सकेगी।

पालिका स्तर पर मसूरी के बैरियरों पर FASTag व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके लिए नगर पालिका परिषद मसूरी और Indian Highways Management Company Limited (IHMCL) के बीच MoU (समझौता ज्ञापन) किया गया है।

इस व्यवस्था के लागू होने के बाद वाहनों से शुल्क वसूली FASTag के माध्यम से हो सकेगी। इससे वाहन चालकों को बैरियरों पर नकद भुगतान के लिए अधिक देर तक रुकना नहीं पड़ेगा और प्रवेश मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में सुगम हो सकती है।

मसूरी में पर्यटन सीजन, सप्ताहांत और छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे समय में कोल्हूखेत बैरियर और माल रोड से जुड़े लाइब्रेरी व पिक्चर पैलेस बैरियर पर वाहनों की कतारें लग जाती हैं। इससे देहरादून-मसूरी मार्ग के साथ शहर के भीतर यातायात पर भी दबाव बढ़ता है।

IHMCL इस व्यवस्था में साइट सर्वे, तकनीकी निरीक्षण, डिजाइन, सिस्टम इंटीग्रेशन, टेंडर प्रक्रिया, परियोजना निगरानी और समाधान प्रदाताओं के चयन जैसे कार्यों में सहयोग करेगी। नगर पालिका का उद्देश्य शुल्क वसूली को डिजिटल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।

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नई व्यवस्था से पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ नगर पालिका को राजस्व संग्रह की बेहतर निगरानी में भी मदद मिल सकती है। अधिकारियों का मानना है कि FASTag आधारित शुल्क प्रणाली से बैरियरों पर वाहनों के रुकने का समय कम होगा और जाम की स्थिति में भी कमी आ सकती है।

मसूरी उत्तराखंड के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। गर्मियों और छुट्टियों के मौसम में यहां पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में बैरियर, पार्किंग और शहर के प्रवेश मार्गों पर दबाव कम करने के लिए डिजिटल शुल्क व्यवस्था को अहम कदम माना जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की कोशिश है कि नई तकनीक के जरिए मसूरी की प्रवेश व्यवस्था को सरल बनाया जाए, ताकि पर्यटकों को शहर में आने में कम समय लगे और स्थानीय लोगों को भी जाम से राहत मिल सके।

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