देहरादून, 13 जुलाई। उत्तराखंड में 15 जुलाई से बारिश की गतिविधि बढ़ने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने अगले पांच दिनों के लिए जारी चेतावनी में अलग-अलग जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 13 और 14 जुलाई को राज्य के पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछार पड़ सकती है। मैदानी जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में इस दौरान आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर भी देखने को मिल सकते हैं।
15 जुलाई को पिथौरागढ़, बागेश्वर, चम्पावत, अल्मोड़ा और नैनीताल जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी और ऊधम सिंह नगर में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि हरिद्वार में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग ने 15 जुलाई को चम्पावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पर्वतीय जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की आशंका भी जताई गई है। ऊधम सिंह नगर में कहीं-कहीं बिजली चमक सकती है।
16 जुलाई को देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है।
17 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। पर्वतीय जिलों में आकाशीय बिजली और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की चेतावनी भी जारी की गई है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी बिजली चमकने की संभावना है।
18 और 19 जुलाई को राज्य के जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।
भारी बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। पर्वतीय सड़कों और राजमार्गों पर मलबा आने से आवाजाही प्रभावित होने, छोटे नदी-नालों के उफान पर आने और निचले क्षेत्रों में जलभराव की आशंका भी जताई गई है।
मौसम विभाग ने यात्रियों को सावधानी से सफर करने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास सतर्क रहने की सलाह दी है। आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित भवनों में रहने, पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहने को कहा गया है।
मौसम विभाग के इस बुलेटिन में फिलहाल उत्तराखंड के लिए फ्लैश फ्लड रिस्क ‘निल’ दर्शाया गया है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर तेज बारिश के छोटे दौर को देखते हुए लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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