रैबार

Trucks carrying stage and event materials parked outside Parade Ground in Dehradun ahead of Rahul Gandhi's scheduled programme.

राहुल गांधी के देहरादून कार्यक्रम से पहले कांग्रेस का आरोप, अनुमति के बावजूद तैयारी का सामान परेड ग्राउंड में नहीं जा पा रहा

सार्वजनिक कार्यक्रमों की सफलता केवल अनुमति मिलने पर निर्भर नहीं करती, बल्कि समय पर प्रशासनिक समन्वय और आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं पर भी टिकी होती है। ऐसे में परेड ग्राउंड में तैयारियों को लेकर उठा यह विवाद कार्यक्रम के संचालन और व्यवस्थाओं पर क्या असर डाल सकता है, क्या है पूरा मामला?

Exterior view of the terminal building at Dehradun Airport in Uttarakhand during the evening.

देहरादून एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी से जोड़ने की तैयारी, हब एंड स्पोक मॉडल पर प्रस्ताव फिर चर्चा में

यदि यह मॉडल मंजूर होता है तो विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए चेक-इन, बैगेज और ट्रांजिट प्रक्रिया पहले से अधिक आसान हो सकती है। यह व्यवस्था सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ान नहीं, बल्कि यात्रा अनुभव को सरल बनाने की दिशा में एक अहम बदलाव हो सकती है। आखिर हब एंड स्पोक मॉडल कैसे काम करेगा और उत्तराखंड के यात्रियों को इससे क्या फायदा मिल सकता है?

A person using a laptop displaying an e-Zero FIR cyber crime reporting portal, representing Uttarakhand's strengthened cyber crime response system with S4C and the 1930 helpline.

उत्तराखंड में साइबर फ्रॉड रोकने को बनेगा स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर, 1930 हेल्पलाइन और ई-जीरो FIR सिस्टम होगा मजबूत

साइबर ठगी के मामलों में शुरुआती कुछ मिनट सबसे अहम माने जाते हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य शिकायत दर्ज करने से लेकर समन्वय और कार्रवाई की प्रक्रिया को तेज करना है। इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा और 1930 हेल्पलाइन की भूमिका कैसे मजबूत होगी, जानिए।

A smartphone displaying the 104 Health Helpline call interface, symbolizing the restoration of Uttarakhand's 24×7 health advisory service.

उत्तराखंड में 104 स्वास्थ्य हेल्पलाइन फिर सुचारु, 24 घंटे मिलेगी चिकित्सा सलाह और सेवाओं की जानकारी

हेल्पलाइन दोबारा शुरू होने के साथ अब नागरिक घर बैठे स्वास्थ्य सलाह, सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी और शिकायत दर्ज कराने जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। किन सेवाओं के लिए 104 नंबर का उपयोग किया जा सकता है और किन परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जानिए।

Uttarakhand Chief Electoral Officer B.V.R.C. Purushottam speaks during an interview on the publication of the state's draft voter list.

उत्तराखंड में SIR के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी, 71.33 लाख मतदाताओं के नाम शामिल

ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण चरण मतदाताओं के सत्यापन का है। यदि नाम, पता या अन्य विवरण में कोई त्रुटि है, तो निर्धारित समयसीमा के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज करनी होगी। किन तारीखों तक यह प्रक्रिया चलेगी और मतदाता अपना विवरण कैसे जांच सकते हैं, जानिए।

School children, assisted by local residents, cross the Kosi River in Chukum village near Ramnagar during the monsoon due to the absence of a permanent bridge.

रामनगर के चुकुम गांव में स्थायी पुल नहीं, कोसी नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे

बरसात के मौसम में यह समस्या केवल आवाजाही तक सीमित नहीं रहती, बल्कि बच्चों की शिक्षा, मरीजों की पहुंच और पूरे गांव के दैनिक जीवन को प्रभावित करती है। आखिर हर साल अस्थायी व्यवस्था पर ही निर्भर रहने की नौबत क्यों आती है, क्या है पूरा मामला?

SDRF rescue personnel conduct a search operation in the Ganga River at Rishikesh using an inflatable rescue boat and diving equipment.

ऋषिकेश में गंगा स्नान के दौरान 12 वर्षीय बालक तेज बहाव में बहा, पुलिस और SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी

घटना के बाद पुलिस और SDRF की टीमें लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं, लेकिन तेज बहाव के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। मानसून के दौरान गंगा किनारे किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए और फिलहाल सर्च ऑपरेशन किस स्थिति में है, आगे जानिए।

Villagers carry and place a large wooden log across a seasonal stream to create a temporary bridge in Chakrata during the monsoon.

चकराता में बरसाती नाले पर ग्रामीणों ने बनाया अस्थायी पुल, वर्षों से स्थायी पुल की मांग

हर मानसून में ग्रामीणों को यही चुनौती झेलनी पड़ती है। वर्षों से स्थायी पुल की मांग के बावजूद अब तक समाधान क्यों नहीं निकल पाया, क्या है पूरा मामला?

SIT officials inspect records and review CCTV footage during the investigation into the Badrinath Dham donation irregularity case.

बदरीनाथ धाम दान गड़बड़ी मामले में SIT की जांच तेज, कैश रजिस्टर और CCTV फुटेज खंगाले

जांच अब केवल आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि रिकॉर्ड, दस्तावेजों और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के मिलान पर केंद्रित हो गई है। कैश रजिस्टर, CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों से जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है और आगे क्या कार्रवाई हो सकती है, पूरी रिपोर्ट पढ़िए।

Front view of Panacea Hospital building located near Rispana Bridge in Dehradun.

देहरादून में सीलबंद Panacea Hospital में 15 दिन में दो बार चोरी, नेहरू कॉलोनी थाने में केस दर्ज

सीलबंद अस्पताल में लगातार दूसरी बार हुई चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था और सील किए गए परिसरों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब आरोपियों की पहचान, चोरी हुए सामान और पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच में अब तक क्या सामने आया है, पूरी रिपोर्ट पढ़िए।